उत्तराखंड में इस हफ्ते भारी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं,मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट -भूस्खलन की चेतावनी के बाद कई जिलों में स्कूल बंद।
मौसम विभाग देहरादून ने रुड़की हरिद्वार में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते हरिद्वार डीएम ने सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। बागेश्वर में स्कूल बंद हैं और कई सड़कें अवरुद्ध हैं। पिथौरागढ़ चंपावत और मुनस्यारी में भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। लोगों को नदियों के किनारे न जाने की चेतावनी दी गई है।
देहरादून। मौसम विभाग देहरादून ने शुक्रवार को रुड़की हरिद्वार के आसपास में भारी से बहुत भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही वर्षा से नाले-नालों के उफान पर आने और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। जिसके चलते डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित ने सभी सरकारी, गैर-सरकारी, मान्यता प्राप्त विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों को आज बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, नदियों-नालों के किनारे ना जाने की चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड में इस साल बारिश लोगों को काफी परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने एक बार फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।मौसम विभाग ने 29 अगस्त से एक सितंबर के बीच प्रदेश में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट हो रखा है। बता दें कि उत्तराखंड में मॉनसून हर साल कहर बरपाता है। इस साल भी मॉनसून का यही रूप देखने को मिल रहा है। इस साल तो अगस्त में बारिश ने उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में भयंकर सितम ढाया है। वहीं अब फिर से मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों को डरा दिया है।
आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका: मौसम विभाग ने 29 अगस्त से लेकर एक सितंबर के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने के आसार भी बन सकते हैं।इसीलिए लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
पहाड़ी इलाकों में सफर करने से बचें लोग: वहीं मौसम विभाग ने लोगों ने अपील की है कि भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में सफर करने से बचाना चाहिए।क्योंकि इस दौरान भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है।अक्सर भारी बारिश में पहाड़ियां टूट कर गिरती हैं।
नदियों का जल स्तर बढ़ने का खतरा: वहीं नदी-नाले और बरसाती गदेरों से भी दूर रहना चाहिए. क्योंकि कई बार देखने में आता है कि बरसाती गदेरे और नाले अचानक से उफान पर आ जाते हैं। कई लोग उफनते गदेरों को पार करने का प्रयास करते हैं, जो कई बार खतरनाक साबित होता है। वहीं नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। क्योंकि पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण मैदानी इलाकों में नदियों का जल स्तर बढ़ जाता है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना रहता है।
बता दें कि उत्तराखंड में 1 जून से अब तक कुल 1077.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि सामान्य रूप से राज्य में इस दौरान 944.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी इस मानसून सीजन में अब तक 14% ज्यादा बारिश हो चुकी है। लेकिन इसी बात को हम यदि महीने में हुई बारिश के लिहाज से देखें तो सामान्य रूप से अब तक 350.02 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। जबकि अगस्त महीने में अब तक 487 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। यानी कि सामान्य से 39% ज्यादा बारिश इस महीने हुई है।खास बात यह है कि मानसून सीजन शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा प्राकृतिक आपदा की घटनाएं इसी महीने हुई हैं।
बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत: उत्तरकाशी के धराली और चमोली के थराली में आपदा के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।लेकिन बिगड़ता मौसम बार-बार रेस्क्यू टीमों के सामने चुनौती खड़ी कर रहा है। धराली और थराली में बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन सुचारू करने में टीमों को दिक्कतें आई है।
अगले 03 घंटों मे (रेड अलर्ट दिनांक 29/08/2025, ,8:35 AM बजे से 29/08/ 2025, 11:35 AM बजे तक) *जनपद*- चंपावत, नैनीताल, उधम सिंह नगर में अलग-अलग स्थानों पर यथा-देवीधुरा, स्वांला, मंच, टनकपुर, बनबास, खटीमा, पंचेश्वर तथा इनके आस पास के क्षेत्रों मे भारी बारिश के साथ गरज/बिजली और बहुत तीव्र से लेकर अत्यंत तीव्र बारिश होने की संभावना है।
अगले 03 घंटों मे (रेड अलर्ट दिनांक 29/08/2025, , 8:29 AM बजे से 29/08/ 2025, 11:29 AM बजे तक) जनपद देहरादून के-कालसी हरिपुर डाकपत्थर चकराता में अलग-अलग स्थानों पर यथा- चकराता, साहिया, कालसी, लखवाड़ विकासनगर तथा इनके आस पास के क्षेत्रों मे भारी बारिश के साथ गरज/बिजली और बहुत तीव्र से लेकर अत्यंत तीव्र बारिश होने की संभावना है।