उत्तराखंड- सजा सुनते ही कोर्ट से फरार हुआ दोषी, पुलिस को चकमा देकर निकला बाहर, कोर्ट की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप।

उत्तराखंड- सजा सुनते ही कोर्ट से फरार हुआ दोषी, पुलिस को चकमा देकर निकला बाहर, कोर्ट की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप।


रुड़की |( हरिद्वार) उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और न्यायिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए रुड़की कोर्ट परिसर से एक दोषी अपराधी सजा सुनते ही पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई, वहीं पुलिस महकमे में हाथ-पांव फूल गए। सजा का ऐलान होते ही फरार हुआ दोषी
मामला हरिद्वार जिले के रुड़की न्यायालय का है, जहां पिरान कलियर थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव निवासी नीरज गोस्वामी पुत्र महेश गोस्वामी शुक्रवार, 16 जनवरी को अदालत में पेश हुआ था। आरोपी पर परिवाद संख्या 2706/2023, धारा 138 NI Act के तहत मामला चल रहा था।

अदालत ने सुनवाई के दौरान नीरज गोस्वामी को दो साल के कारावास की सजा सुनाई। लेकिन सजा का आदेश सुनते ही कुछ ही पलों में आरोपी कोर्ट मुहर्रिर की कस्टडी से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।

कोर्ट परिसर में हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
आरोपी के फरार होते ही न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। घटना इतनी तेजी से घटी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस मामले ने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया है।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, तलाश तेज
दोषी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर चिंता है। सवाल उठ रहा है कि अगर अदालत से सजा पाया अपराधी ही इस तरह फरार हो जाए, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा?

पुलिस का दावा – जल्द होगी गिरफ्तारी
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा—
“मामला संज्ञान में आया है। फरार दोषी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी अदालत परिसर से कैसे फरार हुआ।”

अब जांच के घेरे में कोर्ट सुरक्षा व्यवस्था
फिलहाल, पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी है, लेकिन यह घटना न्यायालय परिसर की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल छोड़ गई है।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

Spread the love
[democracy id="1"]