“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” में रिकॉर्ड उपलब्धि,प्रदेशभर में 363 शिविर, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में लाखों लोगों को मिला त्वरित समाधान।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम ने जनसेवा, पारदर्शिता और त्वरित समाधान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 16 जनवरी 2026 तक आयोजित शिविरों के आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं को उनके द्वार तक पहुंचकर सुनने और समाधान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रदेशभर में 363 शिविर, लाखों की भागीदारी
कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में अब तक कुल 363 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें 347 शिविर पूर्व दिवसों में और 16 शिविर आज आयोजित हुए।
इन शिविरों में कुल 2,80,030 नागरिकों ने सहभागिता की, जिनमें 2,77,654 लोग पूर्व दिवसों तक और 10,376 लोग आज शामिल रहे। यह आंकड़े इस पहल को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन को दर्शाते हैं।
शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, हजारों मामलों का निस्तारण
शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 29,086 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें 28,293 शिकायतें पूर्व दिवसों तक और 793 शिकायतों का निस्तारण आज किया गया।
इसके साथ ही कुल 19,491 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जिनमें 18,973 शिकायतें पूर्व दिवसों तक और 518 शिकायतें आज दर्ज हुईं। इससे स्पष्ट है कि हर शिकायत को गंभीरता और प्राथमिकता के साथ लिया जा रहा है।
प्रमाण पत्र और योजनाओं का सीधा लाभ कार्यक्रम के तहत नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। अब तक कुल 39,689 प्रमाण पत्र बनाए गए हैं, जिनमें 38,255 पूर्व दिवसों तक और 1,444 प्रमाण पत्र आज तैयार किए गए।
इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 1,58,239 नागरिकों को लाभ प्रदान किया गया। इनमें 1,51,565 लाभार्थी पूर्व दिवसों तक और 6,674 लाभार्थी आज शामिल हैं। यह राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री का संदेश: समाधान ही प्राथमिक लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उनका त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनता से प्राप्त प्रत्येक शिकायत और सुझाव पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए, ताकि शासन और जनता के बीच विश्वास और अधिक मजबूत हो।
सुशासन की मजबूत मिसाल
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन का सशक्त मॉडल बनकर उभरा है, जिसने प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ते हुए सेवा, समाधान और संतुष्टि की नई मिसाल कायम की है।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





