चंपावत में दिल दहला देने वाला हादसा: बारात की गाड़ी 200 फीट गहरी खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की दर्दनाक मौत — खुशियां मातम में बदल गईं

चंपावत में दिल दहला देने वाला हादसा: बारात की गाड़ी 200 फीट गहरी खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की दर्दनाक मौत — खुशियां मातम में बदल गईं

चंपावत– लोहाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाघधार के पास देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। शादी की खुशियों से लौट रहे बारातियों की बोलेरो जीप अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

जानकारी के मुताबिक, पिथौरागढ़ जिले के शेराघाट से बारात चंपावत के बालातड़ी गांव आई थी। वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद देर रात जब बाराती वापस लौट रहे थे, तो बाघधार के पास बोलेरो (UK 04 TB 2074) अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई।
हादसे का संभावित कारण—चालक का नशे में होना बताया जा रहा है।

रात 2:30 बजे हुआ हादसा – पुलिस, फायर और SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना रात लगभग 2:30 बजे की है। अंधेरा, पहाड़ी रास्ता और खाई की गहराई—इन सबके चलते रेस्क्यू बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
लोहाघाट थाना पुलिस, फायर टीम और SDRF ने रात में ही घायलों को बाहर निकाला।
सुबह होते-होते सभी पांच शवों को बाहर निकाल लिया गया।

दर्दनाक दृश्य — मां-बेटे ने खो दी सांसें

मृतकों में भावना चौबे और उनका 6 वर्षीय बेटा प्रियांशु भी शामिल हैं।
वहीं एक अन्य मासूम—भावना का दूसरा बेटा चेतन हादसे में घायल हो गया है और अस्पताल में अपनी मां को बार–बार पुकार रहा है।
यह दिल को चीरकर रख देने वाला दृश्य रेस्क्यू टीम को भी भावुक कर गया।

मृतकों की सूची

भावना चौबे

प्रियांशु (6 वर्ष) – पुत्री भावना

प्रकाश चंद्र उनियाल (40), बिलासपुर

केवल चंद्र उनियाल (35), बिलासपुर

सुरेश नौटियाल (32), पंतनगर

घायलों के नाम

धीरज पुत्र प्रकाश चंद्र, रुद्रपुर

राजेश (14), पुत्र उमेश चंद्र जोशी, लाखतोली

चेतन चौबे (5 वर्ष), पुत्र सुरेश चौबे, दिल्ली

भास्कर पांडा (चालक) – गंभीर, जिला अस्पताल रेफर

देवदत्त (38), पुत्र रामदत्त, सल्ला भाटकोट

खुशियों के बीच छाया सन्नाटा

दिल्ली से परिवार सहित शादी में शामिल होने आए सुरेश चौबे ने इस हादसे में अपनी पत्नी और बेटे—दोनों को खो दिया, जबकि छोटा बेटा अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहा है।
पूरा गांव, रिश्तेदार और जनप्रतिनिधि शोक में डूबे हुए हैं।
रातभर चले रेस्क्यू में स्थानीय होटल स्वामी मदन सामंत और शिक्षक मनोज पंत ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

 

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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