ऑपरेशन कालनेमि: देहरादून की शादीशुदा महिला ने बांग्लादेशी युवक से फेसबुक से शुरू हुआ प्यार किया निकाह, पहले पति के नाम पर बनवाए फर्जी 🆔; अब दोनों सलाखों के पीछे।

ऑपरेशन कालनेमि: देहरादून की शादीशुदा महिला ने बांग्लादेशी युवक से फेसबुक से शुरू हुआ प्यार किया निकाह, पहले पति के नाम पर बनवाए फर्जी 🆔; अब दोनों सलाखों के पीछे।

देहरादून। दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी नागरिक और उसे फर्जी पहचान उपलब्ध कराने वाली त्यूणी निवासी महिला को गिरफ्तार किया है। दोनों लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देहरादून में रह रहे थे। थाना नेहरू कॉलोनी और एलआईयू को सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर महिला के साथ नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में रह रहा है। पकड़े गए युवक ने अपना असली नाम ममून हसन, निवासी मेहरपुर (बांग्लादेश) बताया, जबकि महिला ने स्वयं को रीना चौहान, निवासी त्यूणी बताया।

बता दें कि ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई करते हुए नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक और त्यूनी की एक महिला को दबोचा है। बताया जा रहा है कि फेसबुक के माध्यम से बांग्लादेशी नागरिक त्यूनी निवासी महिला के संपर्क में आया था। वो पहले महिला से मिलने 3 बार टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। साल 2022 में आरोपी और महिला अवैध तरीके से बार्डर क्रास करके बांग्लादेश गए थे।

साल 2022 में ही अवैध तरीके से दोबारा बांग्लादेश से बॉर्डर क्रॉस कर वापस भारत आए थे. आरोपी वर्तमान में देहरादून के क्लब में महिला के पति के फर्जी पहचान पत्र के आधार पर बाउंसर का काम करता था. महिला ने कुछ लोगों से मिलकर अपने पहले पति के नाम पर आरोपी (बांग्लादेशी नागरिक) के सभी फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए थे।

दरअसल, कॉलोनी थाना नेहरू और एलआईयू को बीती 20 नवंबर को अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस कर भारत में आकर रह रहे एक बांग्लादेशी पुरुष के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक महिला के साथ रहने की सूचना मिली. जिस पर पुलिस ने दोनों संदिग्ध महिला और पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में पुरुष ने अपना असली नाम ममून हसन निवासी मेहरपुर (बांग्लादेश) बताया. जबकि, महिला त्यूनी तहसील क्षेत्र की रहने वाली निकली।

महिला ने अपने पहले पति के नाम पर बनवाए ममून हसन के फर्जी कागजात: पूछताछ में महिला ने बताया कि वो वर्तमान में ममून हसन के साथ अलकनंदा एन्क्लेव नेहरू कॉलोनी में किराए पर रह रही है. उसने ममून हसन के भारत के फर्जी प्रमाण पत्र अपने पहले पति सचिन  चौहान के नाम पर बनाए हैं। वर्तमान में वो ममून हसन के साथ पति-पत्नी के रूप में रह रहे हैं।

फर्जी पहचान पत्र बनवाकर महिला के साथ रहने लगा ममून हसन: आरोपी और महिला के द्वारा षड्यंत्र कर भारत के फर्जी पहचान पत्र बनवाकर अवैध रूप से भारत में निवास करने पर दोनों के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया। जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनके कब्जे से फर्जी प्रमाण/पहचान पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

फर्जी पहचान पत्र बनवाने में मदद करने वाले भी रडार पर: वहीं, फर्जी पहचान पत्र बनवाने में आरोपी और महिला की सहायता करने वाले भी पुलिस के रडार पर हैं, जिनके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई कर रही है. पुलिस की पूछताछ में पता चला कि किस तरह से आरोपी ममून हसन और महिला की मुलाकात हुई।

किस तरह से हुआ दोनों में प्यार? आरोपी ममून हसन में बताया कि महिला से उसकी पहचान फेसबुक के जरिए से हुई थी, जिससे नजदीकियां बढ़ने पर आरोपी साल 2019 में महिला से मिलने टूरिस्ट वीजा पर बांग्लादेश से भारत आया. जहां दोनों की मुलाकात देहरादून में हुई. आरोपी 2 महीने तक महिला के साथ रहा. जब वीजा खत्म हुआ तो बांग्लादेश वापस चला गया।

इसके बाद आरोपी दोबारा इसी तरह साल 2020 और 2021 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया. कोरोना काल में वीजा खत्म के बाद वापस बांग्लादेश चला गया. इस दौरान महिला को भी अवैध रूप से बॉर्डर पार कराकर बांग्लादेश ले गया. जहां दोनों ने निकाह करना बताया गया. कुछ समय बाद आरोपी और महिला अवैध रूप से बॉर्डर पार कर भारत वापस आकर देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराए पर पति-पत्नी की तरह रहने लगे।

देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि महिला रीना चौहान देहरादून जिले की त्यूनी क्षेत्र की रहने वाली है। जिसका विवाह त्यूनी निवासी सचिन चौहान के साथ हुआ था। लेकिन दोनों अलग-अलग रहने लगे। उसके बाद महिला की फेसबुक पर ममून से मुलाकात हुई। ममून उससे मिलने वीजा लेकर भारत आया और दोनों साथ में देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर किराए पर साथ में रहे।

दोनों बांग्लादेश भी गए: उसके बाद दोनों बांग्लादेश भी गए। जहां पर निकाह करने के बाद दोनों कुछ समय बाद अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस करके भारत आए। फिर से देहरादून में किराए पर अलग-अलग जगह रहने लगे. इसके लिए महिला ने अपने पहले पति के दस्तावेज के नाम पर ममून हसन के कागजात बनवा दिए।

महिला ने अपने कुछ परिचितों की सहायता से ममून हसन के लिए अपने पहले पति के नाम के फर्जी पहचान पत्र बनवाए. ममूम महिला के पहले पति के रूप में रहने लगा. ममून हसन देहरादून के क्लब में महिला के पहले के नाम और पहचान पत्र से बाउंसर का काम करने लगा।

अभियुक्त व अभियुक्ता द्वारा षडयंत्र कर भारत के फर्जी पहचान पत्र बनवाकर अवैध रूप से भारत में निवास करने पर अभियुक्त व अभियुक्ता के विरूद्ध थाना नेहरू कॉलोनी पर अन्तर्गत धारा 420/467/468/471/120 बी भादवि व धारा 3 पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 व 14 विदेशी अधिनियम पंजीकृत कर अभियुक्त व अभियुक्ता को गिरफ्तार किया गया है।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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