मुख्यमंत्री धामी की फटकार का बड़ा असर: खटीमा–मझोला एनएच का सुधारीकरण कार्य हुआ शुरू,धूल, गड्ढों और हादसों की मार झेल रही जनता के लिए यह राहत की बड़ी खबर।
खटीमा: लम्बे इंतजार के बाद आखिरकार खटीमा मझोला राष्ट्रीय राजमार्ग जो कई वर्षों से जर्जर चल रहा था, उसका निर्माण कार्य शुरू हो गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गुरुवार की शाम को उक्त जर्जर राष्ट्रीय राजमार्ग के स्थलीय निरीक्षण के उपरांत एनएच के अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार के उपरांत आखिरकार शुक्रवार को इस मार्ग के पुनः निर्माण को एनएच ने निर्माण संस्था के माध्यम से शुरू करवा दिया है।


आखिरकार लंबे इंतजार के बाद खटीमा–मझोला राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधारीकरण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गुरुवार शाम मौके पर जाकर सड़क की जर्जर हालत का स्थलीय निरीक्षण करने और अधिकारियों को फटकार लगाने के सिर्फ 24 घंटे के भीतर ही निर्माण संस्था ने काम शुरू कर दिया। वर्षों से धूल, गड्ढों और हादसों की मार झेल रही जनता के लिए यह राहत की बड़ी खबर है।

गड्ढों और धूल के गुबार से परेशान थे यात्री: मुख्यमंत्री की फटकार का असर यह हुआ कि एनएच द्वारा निर्माण संस्था के माध्यम से अगले ही दिन सड़क निर्माण के कार्य को शुरू कर दिया गया. इससे पहले सड़क निर्माण का टेंडर होने के उपरांत भी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था. कई सालों से जर्जर चल रहे खटीमा मझोला राष्ट्रीय राजमार्ग का बारह से तेरह किलोमीटर का क्षेत्र बुरी तरह क्षत्रिग्रस्त हो चुका था. सड़क पर जगह जगह गड्ढे, धूल के गुबार व इस सड़क पर लगातार होती दुर्घटनाएं हजारों लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन चुकी थी. इसके चलते लंबे समय से इस सड़क मार्ग से जुड़े दर्जनों गांव के हजारों ग्रामीण सड़क निर्माण को पुन करने की मांग कर रहे थे।


निरीक्षण के अगले ही दिन शुरू हुआ काम
मुख्यमंत्री धामी ने गुरुवार को खटीमा–मझोला एनएच की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि गुणवत्तापूर्ण सामग्री से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा किया जाए। सीएम की इस सख्ती का असर यह हुआ कि शुक्रवार सुबह से ही हरियाणा की निर्माण संस्था एसकेएस निर्माण वाणिज्य प्राइवेट लिमिटेड ने मशीनरी उतारकर काम शुरू कर दिया।
मशीनों की गड़गड़ाहट से लौटी उम्मीद
कई सालों से टेंडर होने के बावजूद ठप पड़े इस प्रोजेक्ट ने अब गति पकड़ ली है। पहले चरण में मिलिंग मशीन के जरिए स्क्रैपिंग का कार्य शुरू हो गया है।
साइट इंजीनियर भुवन गहतोड़ी के अनुसार—मझोला से चारूबेटा तक 9 किमी में डब्ल्यूएमएम बिछेगा, इसके बाद मझोला से खटीमा तक 13 किमी में डीबीएम का काम होगा,अंत में सड़क पर बीसी लेयर डाली जाएगी।निर्माण संस्था ने चार–पांच महीनों के भीतर पूरा काम निपटाने का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों में खुशी, राहत की उम्मीद
गड्ढों, उड़ती धूल और लगातार हो रहे हादसों से परेशान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण शुरू होते ही संतोष व्यक्त किया। बारह–तेरह किलोमीटर तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त पड़े इस एनएच ने कई गांवों के हजारों लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया था। जनता अब उम्मीद कर रही है कि जल्द ही इस दिक्कत से मुक्ति मिलेगी।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा—कथनी और करनी में अंतर नहीं
नगर पालिका अध्यक्ष एवं भाजपा नेता रमेश चंद्र जोशी ने कहा— “भाजपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर सड़क निर्माण शुरू हो गया है। बहुत जल्द खटीमा–मझोला एनएच की तस्वीर बदलेगी।”
सियासत को मिला विराम
खटीमा–मझोला राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच तकरार का मुख्य मुद्दा बनी हुई थी। कांग्रेस लगातार सड़क निर्माण में देरी को लेकर सरकार पर हमलावर रही, जबकि भाजपा समय–समय पर इसे जल्द दुरुस्त कराने के दावे करती रही। राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप के इस दौर में जनता सिर्फ इंतजार करती रही।
लेकिन अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप के बाद हालात बदलने शुरू हो गए हैं। उनके कड़े निर्देशों के बाद अचानक जिस गति से निर्माण कार्य को जमीन पर उतारा गया है, उसने वर्षों से चली आ रही सड़क की सियासत को विराम देने का काम किया है। अब जब मशीनें काम पर उतर चुकी हैं, तो जनता में यह भरोसा जगा है कि राजनीति नहीं, विकास जीतेगा—और जल्द ही खटीमा–मझोला एनएच अपनी नई पहचान के साथ लोगों की परेशानी दूर करेगा।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





