नैनीताल पुलिस ने सॉल्व की मर्डर मिस्ट्री, मकसद में नाकाम होने पर लाश के किए थे तीन टुकड़े, पांच घंटे में आरोपी ने किया था काम तमाम…85 घंटे में ढूंढा सिर और हाथ, जानें पूरा मामला

नैनीताल पुलिस ने सॉल्व की मर्डर मिस्ट्री, मकसद में नाकाम होने पर लाश के किए थे तीन टुकड़े, पांच घंटे में आरोपी ने किया था काम तमाम…85 घंटे में ढूंढा सिर और हाथ, जानें पूरा मामला

 

गौलापार के पश्चिमी खेड़ा गांव में 10 साल के बालक की गला काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बच्चे की जघन्य हत्या का पर्दाफाश कर दिया है।

एक तरह से ब्लाइंड मर्डर बन चुके गौलापार क्षेत्र में बच्चे की जघन्य हत्या का पर्दाफाश पुलिस के चुनौती बन गया था। आरोपी, संदिग्ध के रूप में पुलिस के गिरफ्त में था लेकिन उसकी जुबान बंद थी। जितना भी बोलता था वह भी नापतौल के। चार अगस्त को 12 बजे के करीब गायब हुआ 10 वर्षीय बच्चा पांच घंटे के अंदर ही वीभत्स हत्याकांड का शिकार बन चुका है। शातिर आरोपी ने शव को अलग अलग दबाया। धड़ 22 घंटे बाद तो शरीर का काटा गया हिस्सा सिर और हाथ 85 घंटे बाद यानी शनिवार को तड़के एक बजे के करीब पुलिस को मिला।

 

पर्दाफाश के दौरान जो तथ्य सामने आए उससे एक बात को स्पष्ट हो गई कि आरोपी पूरी तरह शातिर था। खुद को बचाने के लिए उसने हर जोर आजमाईश की। पुलिस भी पांच दिन तक उलझी ही। वह जानती तो सब थी लेकिन कड़ियां कैसे जुड़ें इसमें उसे मशक्कत करनी पड़ गई। बच्चा सोमवार को 12 बजे गायब हुआ और पांच घंटे में वह भी दिनदहाड़े आरोपी ने जघन्य हत्या की वारदात की और शव को टुकड़ों में कर गड्ढे में दबा दिया। बच्चे के परिजनों की मदद से पुलिस ने मंगलवार की सुबह दस बजे के करीब गड्ढे से बच्चे का अधूरा शरीर, जिसका सिर और हाथ गायब था, बरामद कर लिया। सिर और हाथ पुलिस शनिवार को तड़के एक बजे ढूंढ पाई। यानी 85 घंटों बाद। जबकि इस अवधि में बच्चें के परिजनों का गुस्सा भी सामने आया।

 

शातिर दिमाग के चलते घुमाता रहा
एसएसपी पीएन मीणा ने पत्रकार वार्ता में इस बात की ओर भी इशारा किया कि आरोपी शातिर दिमाग वाला है। पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि वह ऐसी घटनाओं से बचने की पूरी जानकारी रखता था। कब, कहां कैसे मामले और पूछताछ करने वालों से बात करनी है, उसे इसकी पूरी जानकारी थी। हालांकि पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आखिरकार उसकी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया

पांच दिन तक गौलापार में दहशत
इस घटना से गौलापार के लोग भी पांच दिन से दहशत में थे। अपने अपने बच्चों को लेकर उनके अंदर डर समा गया था। इसके अलावा हर दिन का घटनाक्रम उन्हें परेशान कर रहा था। लोग भी चाहते थे कि इस घटना का जल्द से जल्द पर्दाफाश हो।

क्या है पूरा मामला?
गौलापार के पश्चिमी खेड़ा गांव में 10 साल के बालक की गला काटकर हत्या कर दी। सोमवार से लापता बच्चे का शव मंगलवार को घर के पास ही एक खेत के गड्ढे से बरामद हुआ। उसका सिर और एक हाथ नहीं था। वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर हत्या का शक जताया है। पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है।

बरेली (यूपी) के आमोर गांव निवासी खूबकरण मौर्य करीब 15 साल से गौलापार के पश्चिमी खेड़ा में बंटाईदार का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वह परिवार के साथ यहीं झोपड़ी में रहते हैं। परिजनों के अनुसार उनका 11 साल का बेटा अमित मौर्य सोमवार दोपहर 12 बजे से लापता था। परिजनों ने काठगोदाम थाने में इसकी जानकारी दी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो बच्चा गांव के ही संपन्न परिवार के घर की ओर जाता दिखाई दिया लेकिन वह वहां से लौटता हुआ नहीं नजर आया।

परिजन पड़ोसी के यहां पूछताछ करने गए तो उन्होंने बच्चे को नहीं जानने की बात कही। संदेह होने पर पुलिस ने पड़ोसी परिवार के चार लोगों को हिरासत में ले लिया। काफी तलाश करने के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर देर रात सर्च अभियान रोका गया। मंगलवार सुबह फिर तलाश शुरू हुई तो 11 बजे घर से करीब 20 मीटर दूर खेत में गड्ढे से बच्चे का शव बरामद हुआ। हत्या करने के बाद शव को कट्टे में डालकर गड्ढे में दफनाया गया था। लोगों ने कट्टा खोला तो शव बगैर सिर और एक हाथ (दायां) का था।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान निखिल ने पहले तो तंत्र-मंत्र की बात कहते हुए पुलिस को गुमराह किया और फिर अनर्गल बातें करने लगा। कभी मानसिक बीमारी तो कभी कुछ और। कभी हत्या की बात कबूलता तो कभी नकारता। इसी बीच मनोचिकित्सक डॉ. युवराज पंत की जब पुलिस ने मदद ली तो इस हत्याकांड की साजिश परत दर परत खुलती चली गई। बताया जाता है कि आरोपी से पूछताछ करने में जुटी टीमों को कई सनसनीखेज जानकारी मिली।

आरोपी, दरिंदगी में नाकाम होने के बाद बच्चे के शव को टुकड़े-टुकड़े कर गौला नदी में बहा देता या इधर उधर ले जाकर जमीन में दबा देता। हालांकि इसके लिए उसे समय हीं नहीं मिला। आरोपी के घर से बच्चे के घर की दूरी महज दो सौ मीटर के करीब होगी। यानी जब बच्चे की तलाश हुई तो भनक आरोपी को भी लगी और उसने घर के पीछे शव और काटे गए अंगों को दबा दिया।

सीसीटीवी न होता तो दब जाती बच्चे की गुमशुदगी
मुख्य मार्ग पर लगे सीसीटीवी में चार अगस्त को बच्चा आरोपी के घर की गली में जाता हुआ नजर आया। यही सीसीटीवी फुटेज जघन्य हत्याकांड के खुलासे की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया। बच्चे के साथ पीछे-पीछे आरोपी भी जा रहा था। उधर बच्चे के घर वाले सक्रिय हो गए और बच्चे की तलाश में जुट गए। पुलिस को भी गुमशुदगी में तेजी दिखानी पड़ गई। पुलिस ने शाम पांच बजे के करीब आरोपी युवक और उसके परिवार वालों को संदिग्ध मानकर पूछताछ शुरू कर दी थी। ऐसे में आरोपी को साक्ष्य मिटाने का मौका नहीं मिल पाया।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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