प्रधानमंत्री मोदी से मिले मुख्यमंत्री धामी, अद्धकुंभ, नंदा राजजात यात्रा समेत कई विकास योजनाओं पर की चर्चा, 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार कुंभ के लिए 3500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का किया अनुरोध।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को 2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा के आयोजन की जानकारी देते हुए इसके लिए पर्यावरण अनुकूल अवस्थापना सुविधाओं के लिए 400 करोड़ की मांग की और प्रधानमंत्री को इस पर्वतीय महाकुंभ में आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की और राज्य के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड के सतत विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कार्तिक स्वामी मंदिर का प्रतिरूप, आदि कैलाश यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल बुक और उत्तराखंड के विशिष्ट उत्पाद जैसे धारचूला का घी, पुरोला का लाल चावल, बासमती चावल, काला जीरा, गंध रैण, जम्बू व स्थानीय शहद भेंट स्वरूप भेंट किए। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री को विश्व के 27 देशों से नागरिक सम्मान प्राप्त करने पर बधाई देते हुए इसे समस्त भारतवासियों के लिए गर्व का विषय बताया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम की भांति ही हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और चम्पावत में शारदा कॉरिडोर के मास्टर प्लान के अनुरूप अवस्थापना विकास के लिए सीएसआर के माध्यम से वित्त पोषण के लिए संबंधित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के ऊधमसिंह नगर स्थित नेपा फार्म को सेमी कन्डक्टर हब के रूप में विकसित करने लिए सेमी कन्डक्टर उद्योग लगाए जाने, दिल्ली व मेरठ के मध्य रीजनल रैपिड ट्रान्जिट सिस्टम को हरिद्वार तक विस्तारित करने और टनकपुर-बागेश्वर व ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल परियोजनाओं में मार्ग निर्माण का प्रावधान भी शामिल किये जाने के लिए संबंधित मंत्रालयों को निर्देशित किये जाने का प्रधानमंत्री से आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को 2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा के आयोजन की जानकारी देते हुए इसके लिए पर्यावरण अनुकूल अवस्थापना सुविधाओं के लिए 400 करोड़ की मांग की और प्रधानमंत्री को इस पर्वतीय महाकुंभ में आमंत्रित किया। साथ ही, 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार कुंभ के लिए 3500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का अनुरोध किया।
उन्होंने ऋषिकेश और हरिद्वार में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने और स्वचालित व्यवस्था हेतु भेजी गई 1015 करोड़ रुपये की डीपीआर को आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्वीकृति दिलाने का आग्रह भी किया। इसके अलावा, चौरासी कुटिया के संरक्षण हेतु राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमोदन कराने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में दिव्य और भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जाना है। राज्य सरकार द्वारा इसकी तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसके सफल आयोजन के लिए हरिद्वार में पुलों की मरम्मत, पार्किंग, विद्युत, पेयजल, शौचालय, परिवहन, श्रद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग सहित अन्य कार्य कराए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए 3500 करोड रूपए की वित्तीय सहायता दिये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश और हरिद्वार शहरों में एचटी व एलटी विद्युत लाईनों को भूमिगत करने के साथ ही विद्युत प्रणाली को स्वचालित करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भेजी गई 1015 करोड की डीपीआर को आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्वीकृत किये जाने के लिए संबंधित को निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश के निकट स्थित अनोखी धरोहर चौरासी कुटिया को अपने पुराने रूप में लाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। इसके लिए अपेक्षित धनराशि की व्यवस्था भी कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने चौरासी कुटिया के प्रस्ताव का अनुमोदन राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से कराए जाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोङने के लिए प्रथम चरण में पिण्डर-कोसी लिंक परियोजना का प्रारम्भिक प्रस्ताव तैयार किया गया है। ग्लेशियर आधारित पिंडर नदी के पानी को वर्षा आधारित कोसी, गगास, गोमती व गरूङ नदियों में मिलाया जाये तो बागेश्वर, अल्मोङा व नैनीताल जिलों के 625 गांवों की लगभग 2 लाख जनसंख्या पेयजल व सिंचाई से लाभान्वित होगी। साथ ही गरूङ, कौसानी, द्वाराहाट, रानीखेत और अल्मोङा नगरों की लगभग सवा लाख आबादी के लिए पेयजल आपूर्ति बेहतर हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को भारत सरकार की विशेष योजना के अंतर्गत लिये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी से कैबिनेट सचिव, भारत सरकार की अध्यक्षता में गठित समिति की संस्तुतियों के क्रम में कुल 596 मेगावाट क्षमता की पांच जल विद्युत परियोजनाओं के विकास की अनुमति प्रदान किये जाने का भी आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, नंदा राजजात यात्रा, हरिद्वार में होने जा रहे कुम्भ के साथ ही प्रदेश में जल जीवन मिशन के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड के विकास के लिए केंद्र सरकार से हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।