खटीमा ने नमन किया वीर सपूत को, शौर्य चक्र विजेता शहीद मनोज सिंह रुमाल को 17वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने जुटे सैकड़ों लोग।
खटीमा। शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद मनोज सिंह रुमाल की 17वीं पुण्यतिथि पर क्षेत्र के विभिन्न राजनैतिक दलों के पदाधिकारी, विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों व क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने उन्हें श्रद्वांजलि अर्पित की। सोमवार को नगरा तराई स्थित शहीद स्वर्गीय मनोज सिंह रुमाल के आवास पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर पिता मोहन सिंह, माता सरस्वती देवी, पत्नी आशा देवी, पुत्र आदित्य आदि ने पुष्प चक्र व फूलमालाएं अर्पित की।

बताते चलें कि 23 मार्च 2009 को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आंतकियों से लोहा लेते समय नायक मनोज शहीद हुए थे। उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए दो आंतिकयों को ढेर किया था। मरणोपरांत उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। सोमवार को उनकी 17वीं पुण्यतिथि पर राजनैतिक दलों के पदाधिकारी, विभिन्न संगठनों के सदस्य, पूर्व सैनिकों व स्थानीय ग्रामीणों ने शहीद मनोज सिंह रूमाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान श्रद्धांजलि देने वालां में पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कैप्टन गंभीर सिंह धामी, भाजपा नेता राजू भंडारी, ग्राम प्रधान देवेंद्र मेहरा, हरीश रुमाल, रोशन रावत, रंदीप पोखरिया, सतीश भट्ट, राकेश राणा, सोनू सक्सेना, पदम सिंह रूमाल, विक्रम सिंह रुमाल, रघुवर बिष्ट, पुष्पा सामंत, गोविंदी ऐर, राजेंद्र अधिकारी, प्रमोद गड़कोटी, बलवीर खोलिया, गजेंद्र सिंह, ललित धामी, हरेंद्र राणा, मोहन थापा, कमान बिष्ट, प्रवीण भंडारी, सुमित यादव, गजराज चौधरी, महेश ज्याला, चंद्र थापा, दीपक मेहरा आदि थे।
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19 साल की उम्र में संभाली जिम्मेदारी, शहीद की पत्नी बनी मिसाल
पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कैप्टन गंभीर सिंह धामी ने शहीद की पत्नी आशा देवी के साहस और संघर्ष की सराहना की। उन्होंने बताया कि शहादत के समय आशा देवी की उम्र मात्र 19 वर्ष थी, लेकिन उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने पुत्र का पालन-पोषण बेहतरीन तरीके से किया।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रयास है कि अगले वर्ष शहीद मनोज सिंह रुमाल की पुण्यतिथि पर सेना की टुकड़ी द्वारा उन्हें औपचारिक सलामी दिलाई जाए।
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Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





