मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ली योजनाओं की समीक्षा बैठक, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर जोर।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ली योजनाओं की समीक्षा बैठक, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर जोर।

देहरादून, 20 जनवरी 2026  मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, ईएपी योजनाएं, नाबार्ड योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श तथा विभिन्न विभागों की व्यय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने पूंजीगत व्यय, सीएसएस, ईएपी और नाबार्ड पोषित योजनाओं के प्रस्ताव समय पर भेजने और रीइंबर्समेंट दावे भी समय से करने के निर्देश दिए। कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों को अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराए जाएंगे।
थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन के लिए मजबूत मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी परियोजनाओं के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय कर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्त और नियोजन विभाग को कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन का मजबूत तंत्र विकसित करने को कहा। साथ ही जिम्मेदारी तय कर लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन परियोजनाओं में थर्ड पार्टी मूल्यांकन का प्रावधान नहीं है, वहां तत्काल प्रावधान किए जाने के निर्देश भी दिए गए। नियोजन विभाग द्वारा एम्पैनल्ड एजेंसियों के माध्यम से थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल तुरंत शुरू करने को कहा गया।
सिंचित क्षेत्र को 5 साल में 15 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को अगले पांच वर्षों में प्रदेश के कुल सिंचित क्षेत्र को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य दिया। नए बैराज, नहरों और अन्य सिंचाई परियोजनाओं पर काम करने के निर्देश दिए। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लगाए गए स्प्रिंकलर सिस्टम को प्रदेशभर में लागू करने और बंद या क्षतिग्रस्त सिंचाई तंत्र को दुरुस्त कर पुनः शुरू करने को कहा। लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए भी गुणवत्तापूर्ण प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
पेयजल योजनाओं में जीरो कार्बन उत्सर्जन पर फोकस
मुख्य सचिव ने पेयजल विभाग को संचालित योजनाओं में जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य दिया। जल संस्थान और जल निगम को पेयजल योजनाओं में सोलर एनर्जी को बैटरी से जोड़ने और क्लाइमेट चेंज फंड के उपयोग पर जोर दिया। सभी एसटीपी प्लांट्स की 24×7 रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए।
31 मार्च तक देहरादून की सरकारी कॉलोनियों में 100% वाटर मीटर

मुख्य सचिव ने जल संस्थान को 31 मार्च तक देहरादून की सभी सरकारी कॉलोनियों में वाटर मीटर लगाने का लक्ष्य दिया। प्रदेश के सभी नगर निगमों को भी वाटर मीटर से संतृप्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। पानी की गुणवत्ता बनाए रखने और दूषित पानी की शिकायत पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

सौंग बांध परियोजना के पेयजल घटक की डीपीआर एक सप्ताह में शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही एसटीपी से निकलने वाले ट्रीटेड वाटर को सिंचाई और अन्य नॉन-ड्रिंकिंग कार्यों में उपयोग करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने पर जोर दिया गया।

टिहरी को इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी
मुख्य सचिव ने शहरी विकास विभाग को देहरादून समेत अन्य बड़े शहरों में बड़े पार्क विकसित करने के निर्देश दिए। टिहरी को इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने और टिहरी झील रिंग रोड परियोजना को जल्द शुरू करने को कहा। पर्यटन विभाग को टिहरी, ऋषिकेश और चंपावत में पर्यटन विकास के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा वन विभाग को सिटी ग्रीनिंग, एक्सप्रेस-वे और बायोफेंसिंग के मॉडल प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा गया। आईटी विभाग को साइंस सिटी और विज्ञान केंद्रों की स्थापना, संचालन और मेंटरिंग के लिए प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पाण्डेय, वी. षणमुगम, आर. राजेश कुमार, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव हिमांशु खुराना, अपूर्वा पाण्डेय, मनमोहन मैनाली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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