काशीपुर किसान सुखवंत आत्महत्या केस: SIT का शिकंजा और सख्त, SSP मणिकांत मिश्रा समेत कई पुलिस अफसरों को नोटिस, होगी पूछताछ।

काशीपुर किसान सुखवंत आत्महत्या केस: SIT का शिकंजा और सख्त, SSP मणिकांत मिश्रा समेत कई पुलिस अफसरों को नोटिस, होगी पूछताछ।

देहरादून। काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT ने उधम सिंह नगर के एसएसपी समेत कई पुलिस अधिकारियों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं।

SIT ने एसएसपी के अलावा तीन उप निरीक्षक और एक अपर उपनिरीक्षक को भी नोटिस भेजे हैं। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल आत्महत्या वीडियो और मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर की गई है, जिनमें पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

भूमि धोखाधड़ी की परतें खोलने में जुटी SIT
सुखवंत सिंह द्वारा लगाए गए करीब चार करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के तहत SIT ने रजिस्ट्रार कार्यालय, तहसील प्रशासन और संबंधित बैंकों को भी नोटिस जारी किए हैं। बैंकिंग ट्रांजेक्शन और दस्तावेजों के मिलान के जरिए लेन-देन की सच्चाई और दस्तावेजों की वैधता की जांच की जा रही है।

तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच
SIT सदस्य व पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति के अनुसार, घटनाक्रम से जुड़े सभी अभिलेख कब्जे में लेकर उनका सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है।
विशेषज्ञ टीम कॉल डिटेल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पूरे मामले की परत-दर-परत जांच कर रही है। SIT ने जांच से जुड़ी जानकारी का प्रेस नोट भी जारी किया है।

घटना का क्रम
बताया गया कि शनिवार 10 जनवरी को किसान सुखवंत सिंह पत्नी और बच्चों के साथ नैनीताल जिले के काठगोदाम क्षेत्र में घूमने गए थे। उसी रात होटल में सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें जमीन खरीद के नाम पर धोखाधड़ी और पुलिस द्वारा शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने, उल्टा धमकाने और आरोपियों का साथ देने का आरोप लगाया था। वीडियो में उन्होंने कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम भी लिए थे।

पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले के सामने आने के बाद:
आईटीआई थाने के प्रभारी और एक उपनिरीक्षक को निलंबित किया गया
पैगा पुलिस चौकी प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया
बाद में इन सभी का कुमाऊं से गढ़वाल मंडल में तबादला कर दिया गया
मजिस्ट्रेट जांच और SIT समानांतर
राज्य सरकार ने मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी जिम्मेदारी कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी गई है।
वहीं पुलिस मुख्यालय स्तर पर आईजी एसटीएफ आनंद नीलेश भरणे की अध्यक्षता में गठित SIT इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

26 नामजद आरोपी, हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक
सुखवंत सिंह के भाई की तहरीर पर आईटीआई थाने में 26 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सभी आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

बाद में SIT ने जांच को निष्पक्ष रखने के लिए मामला आईटीआई थाने से ट्रांसफर कर काठगोदाम थाने को सौंप दिया।
👉 अब SIT की जांच किस दिशा में जाती है और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर क्या निष्कर्ष निकलता है, इस पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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