चारधाम यात्रा में बड़ा फैसला, बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर परिसर में रील पर रोक, सिंहद्वार–चबूतरा क्षेत्र में मोबाइल और कैमरा प्रतिबंधित,मंदिर से पहले जमा होंगे मोबाइल–कैमरे।
देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु दर्शन व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। आगामी यात्रा में बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर परिसर में रील व वीडियो बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके तहत श्रद्धालु सिंहद्वार (बदरीनाथ) और चबूतरा क्षेत्र (केदारनाथ) में मोबाइल फोन और कैमरा नहीं ले जा सकेंगे।
दर्शन व्यवस्था सुधारने के लिए सख्ती
यह निर्णय शनिवार को ट्रांजिट कैंप में आयोजित चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पिछली यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में रील बनाने के कारण दर्शन में अव्यवस्था उत्पन्न हुई थी, जिसे देखते हुए इस बार सख्त कदम उठाए गए हैं।
मंदिर से पहले जमा होंगे मोबाइल–कैमरे
प्रशासन ने चमोली और रुद्रप्रयाग जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंदिर परिसर से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल और कैमरे जमा करने के लिए व्यवस्थित व सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी को असुविधा न हो और दर्शन सुचारु रूप से हो सकें।

यात्रा अप्रैल से शुरू होने की संभावना
मंडलायुक्त ने बताया कि फिलहाल चारधाम के कपाट खुलने की तिथियां घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन चारधाम यात्रा अप्रैल से शुरू होने की संभावना है।गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) को खुलेंगे।
केदारनाथ धाम की तिथि महाशिवरात्रि को और
बदरीनाथ धाम की तिथि बसंत पंचमी के अवसर पर घोषित की जाएगी।
पंजीकरण व्यवस्था यथावत
चारधाम यात्रा के लिए इस वर्ष भी पंजीकरण व्यवस्था पिछले वर्ष की तरह ही रहेगी।
60 प्रतिशत पंजीकरण ऑनलाइन
40 प्रतिशत पंजीकरण ऑफलाइन किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सहज, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना है।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





