???? गैरसैंण- उत्तराखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र हंगामे की भेंट,अनुपूरक बजट और 9 विधेयक हुए पारित, दूसरे दिन ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित।

गैरसैंण (भराड़ीसैंण), 20 अगस्त। उत्तराखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र इस बार बेहद हंगामेदार साबित हुआ। 19 अगस्त से शुरू हुए सत्र का आज यानी दूसरे दिन ही विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगन कर दिया गया। हालांकि हंगामे के बीच ही सरकार ने 9 विधेयक और 5,315.89 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित करा लिया।

विपक्ष का धरना और मांगें
पहले दिन कार्यवाही बाधित होने के बाद से कांग्रेस विधायकों का धरना रातभर सदन के भीतर जारी रहा और आज सुबह भी विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा। कांग्रेस ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं:
1. नैनीताल के जिला अधिकारी का तबादला।
2. एसएसपी का निलंबन।
3. कांग्रेस नेताओं पर दर्ज मुकदमों की वापसी।
सरकार की कोशिशों के बावजूद विपक्ष नहीं माना और पूरे सत्र के दौरान हंगामा जारी रहा।
हंगामे के बीच पास हुए विधेयक
सदन में शोरगुल के बावजूद सरकार ने 9 महत्वपूर्ण विधेयक पारित करा लिए। इनमें शामिल हैं:
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश श्री बद्रीनाथ तथा केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939) (संशोधन) अध्यादेश 2025
उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक 2025
समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) अध्यादेश 2025
उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश 2025
उत्तराखंड ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत (स्थान और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली 2025
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025
उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025
उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (नीरसन) विधेयक।
कांग्रेस बनाम भाजपा
सदन के भीतर कांग्रेस के हंगामे से नाराज भाजपा विधायकों ने नई रणनीति अपनाई। सभी भाजपा विधायकों ने कांग्रेस के विरोध में विधानसभा भवन की परिक्रमा कर प्रदर्शन किया। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने जानबूझकर सदन नहीं चलने दिया।
गैरसैंण में स्थानीय आंदोलन भी तेज
इसी बीच गैरसैंण के स्थानीय लोग भी विधानसभा कूच पर निकले। स्वास्थ्य सुविधाओं समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। स्थानीय लोग ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण से शासन-प्रशासन को प्रभावी रूप से संचालित करने की मांग भी उठा रहे हैं।
—
निष्कर्ष:
मॉनसून सत्र का दूसरा दिन भी विपक्ष और सरकार के बीच टकराव का गवाह बना। नतीजा यह रहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा तो नहीं हो सकी, लेकिन अनुपूरक बजट और विधेयक हंगामे के बीच ही पास हो गए।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





