उत्तराखंड को झकझोर देने वाली घटना: पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर किसान ने की आत्महत्या, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश।

उत्तराखंड को झकझोर देने वाली घटना: पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर किसान ने की आत्महत्या, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश।

हल्द्वानी | उत्तराखंड में एक हृदयविदारक और गंभीर घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी सिख किसान सुखवंत सिंह ने नैनीताल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटे के साथ घूमने आए थे। यह दर्दनाक घटना 10 जनवरी की रात काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित एक होटल में हुई।

आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक लाइव वीडियो के माध्यम से जमीन से जुड़े करीब 4 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड और उत्तराखंड पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में उन्होंने कहा कि महीनों तक शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि उन्हें उत्तराखंड पुलिस पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच CBI से कराई जानी चाहिए।

फेसबुक लाइव में छलका दर्द
फेसबुक लाइव वीडियो में सुखवंत सिंह ने खुद को एक किसान बताते हुए कहा कि काशीपुर के एक गिरोह ने उनके साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। आरोप है कि जमीन दिखाने के दौरान कुछ और जमीन दिखाई गई, जबकि रजिस्ट्री किसी दूसरी जमीन की करा दी गई। उन्होंने बताया कि यह धोखाधड़ी उनके साथ दो बार की गई।

उन्होंने कहा कि जब वह न्याय की उम्मीद लेकर थाना आईटीआई, पैगा चौकी और एसएसपी कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें न्याय मिलने के बजाय अपमान और दबाव का सामना करना पड़ा। सुखवंत सिंह का दावा था कि बीते चार महीनों से वह लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रहे थे।

परिजनों का फूटा गुस्सा, कार्रवाई की मांग
रविवार शाम जब सुखवंत सिंह का पार्थिव शरीर काशीपुर पहुंचा, तो परिजनों और समर्थकों का आक्रोश फूट पड़ा। परिवार ने प्रशासन से मांग की कि आत्महत्या से पहले बनाए गए फेसबुक लाइव वीडियो को प्राथमिक साक्ष्य माना जाए। साथ ही जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित किया जाए।
परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।

जमीन सौदे से शुरू हुआ पूरा मामला
परिजनों के अनुसार, सुखवंत सिंह ने प्रॉपर्टी डीलरों से करीब 7 एकड़ जमीन का सौदा 35 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किया था। अलग-अलग चरणों में उनसे लगभग 4 करोड़ रुपये लिए गए, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि रजिस्ट्री गलत जमीन की कर दी गई।
बार-बार शिकायत के बावजूद न तो जमीन सही मिली और न ही पैसा वापस हुआ, जिससे सुखवंत सिंह गहरे तनाव में चले गए।

घटना वाली रात की पूरी कहानी
10 जनवरी की रात बेटे की तबीयत खराब होने के कारण परिवार देवभूमि होटल में रुका था। देर रात कमरे में किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद पत्नी और बेटा जान बचाकर होटल के रिसेप्शन की ओर भागे। कुछ ही देर बाद कमरे से गोली चलने की आवाज आई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सुखवंत सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं एडीजी (कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने कुमाऊं रेंज के आईजी को पूरे मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला न सिर्फ एक किसान की मौत का है, बल्कि सिस्टम पर उठे गंभीर सवालों का भी है, जिनके जवाब अब जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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🚨🚨 रुद्रपुर से बड़ी खबर, उधम सिंह नगर के बहुचर्चित एसओ ITI कुंदन रौतेला समेत दो उपनिरीक्षक निलंबित,  पूरी चौकी लाइन हाजिर,काशीपुर के सुखवंत सिंह के आत्महत्या प्रकरण में लापरवाही पर SSP ने की कार्रवाई।