उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की फिर से चर्चाएं तेज, मकर संक्रांति के बाद हो सकता है धामी मंत्रिमंडल का विस्तार,पांच मंत्री पद रिक्त खुल सकती है विधायकों की किस्मत।

उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की फिर से चर्चाएं तेज, मकर संक्रांति के बाद हो सकता है धामी मंत्रिमंडल का विस्तार,पांच मंत्री पद रिक्त खुल सकती है विधायकों की किस्मत।

Uttarakhand Politics: मकर संक्रांति के बाद धामी मंत्रिमंडल विस्तार संभव, बजट सत्र से पहले खुल सकती है विधायकों की किस्मत

देहरादून।उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से चल रहा इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल को लेकर भाजपा हाईकमान मकर संक्रांति के बाद जनवरी के दूसरे पखवाड़े में बड़ा फैसला ले सकता है। संकेत हैं कि विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीतिक तैयारी के तहत यह कदम उठाया जाएगा, जिसमें पार्टी का फोकस प्रो-इनकंबेंसी को मजबूत करने पर रहेगा।

मंत्रिमंडल में पांच पद खाली
वर्तमान में धामी मंत्रिमंडल में पांच मंत्री पद रिक्त हैं। कुल 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित फिलहाल केवल सात मंत्री कार्यरत हैं।

मार्च 2025 में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद एक पद रिक्त हुआ था, जबकि इससे पहले अप्रैल 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के निधन से रिक्तियों की संख्या और बढ़ गई थी। सरकार गठन (2022) के समय से ही तीन पद खाली चले आ रहे हैं।

सीएम धामी के पास 35 से अधिक विभाग
रिक्त पदों के चलते कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संभाल रहे हैं। वर्तमान में उनके पास 35 से अधिक विभाग हैं, जिससे प्रशासनिक दबाव भी बढ़ा हुआ है।

2027 चुनाव की रणनीति का अहम हिस्सा
सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर अंजाम दिया जाएगा। भाजपा नेतृत्व विपक्ष द्वारा एंटी-इनकंबेंसी को हवा देने की कोशिशों को लेकर सतर्क है और इसी कारण संतुलित सामाजिक-क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर जोर दिया जा सकता है।

बजट सत्र से पहले निर्णय की संभावना
केंद्र सरकार का बजट सत्र 1 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसके बाद प्रदेश सरकार भी अपने बजट सत्र की तैयारी में जुट जाएगी। माना जा रहा है कि उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र फरवरी के दूसरे पखवाड़े या मार्च में हो सकता है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार का निर्णय बजट सत्र से पहले लिया जा सकता है।

देरी हुई तो बढ़ सकता है इंतजार
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि जनवरी के दूसरे पखवाड़े में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ, तो यह मामला फिर लंबे समय तक टल सकता है। इसी कारण भाजपा के रणनीतिकार समय रहते निर्णय लेने के मूड में बताए जा रहे हैं।

कार्यकर्ताओं में उम्मीद और संशय
उत्तराखंड में दूसरी बार सत्ता में आई भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी का यह सबसे लंबा कार्यकाल है। विधानसभा चुनाव में अब सवा साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं को मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्व बंटवारे से उम्मीदें हैं, हालांकि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते उम्मीदों पर हल्का संशय भी बना हुआ है।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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