चमोली में बड़ा हादसा: विष्णुगाड़ परियोजना THDC की निर्माणाधीन टनल में दो लोको ट्रेनों की भीषण टक्कर, मजदूरों में मची चीख पुकार, 88 मजदूर घायल।

चमोली में बड़ा हादसा: विष्णुगाड़ परियोजना THDC की निर्माणाधीन टनल में दो लोको ट्रेनों की भीषण टक्कर, मजदूरों में मची चीख पुकार, 88 मजदूर घायल।

Uttarakhand News: टीएचडीसी पीपलकोटी की निर्माणाधीन टनल में लोको ट्रेन मजदूरों को लाने ले जाने के लिए लगाई गई थी। शिफ्ट चेंज के समय ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई।

चमोली (उत्तराखंड):उत्तराखंड के चमोली जिले में मंगलवार देर रात एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टीबीएम (Tunnel Boring Machine) साइट पर शिफ्ट चेंज के दौरान टनल के भीतर चल रही दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में 88 मजदूर घायल हो गए, जबकि 21 मजदूर पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

शिफ्ट चेंज के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा रात करीब 9:30 बजे हुआ। टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने के लिए लोको ट्रेनों का उपयोग किया जा रहा था। इसी दौरान टनल के अंदर से बाहर आ रही खाली लोको ट्रेन और बाहर से मजदूरों को लेकर अंदर जा रही ट्रेन के बीच 5 से 7 किलोमीटर के भीतर टक्कर हो गई। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होना हादसे की मुख्य वजह बताई जा रही है।

विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की साइट पर हुआ हादसा: बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर 444 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना का काम चल रहा है. इस परियोजना का नाम विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना है. रोज की तरह मंगलवार को भी परियोजना की टनल के अंदर कार्य चल रहा था. टनल में बोरिंग मशीन के जरिये खोदाई हो रही थी. रात 9 बजे शिफ्ट चेंज के दौरान अंदर से आ रही खाली ट्रेन बाहर से मजदूरों को ला रही लोको ट्रेन से टकरा गई।


टनल के भीतर मची अफरा-तफरी
टक्कर के बाद सुरंग के भीतर अफरा-तफरी मच गई। दोनों लोको ट्रेनों के पटरी से उतरने और पलटने से मजदूर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। घटना के समय टनल साइट पर 109 मजदूर मौजूद थे। सूचना मिलते ही परियोजना प्रबंधन, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे।


88 घायल, 4 की हालत गंभीर
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि—प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 100 लोगों में से 88 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें से 70 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में किया गया है। 66 लोगों को उपचार के बाद डिसचार्ज कर दिया गया है।  4 मजदूरों का जिनके फ्रैक्चर हुए हैं जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। 18 घायल मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में किया गया है। इन लोगों को भी इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायलों की स्थित ठीक है. 21 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। सभी घायलों की स्थिति अब स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।


बिहार, झारखंड और ओडिशा के मजदूर शामिल
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि – दो लोको ट्रेनों की टक्कर शिफ्ट चेंज के दौरान हुई। हमारी सीआईएसएफ के सिक्योरिटी हेड विश्वनाथ से बात हुई है। उन्होंने बताया कि एक ट्रेन टनल के अंदर से 5 किलोमीटर बाहर को आ चुकी थी। बाहर से जा रही ट्रेन करीब ढाई किलोमीटर तक पहुंच चुकी थी। वहां पर दोनों ट्रेनों की टक्कर हुई है। अंदर से आ रही ट्रेन खाली थी। उस ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में गड़बड़ होने से टक्कर हुई है। जो मजदूर घायल हुए हैं उनमें ज्यादातर बिहार, झारखंड और ओडिशा के हां. टीएचडीसी के अधिकारियों से पूरी डिटेल ली जा रही है।

हादसे में घायल मजदूरों में अधिकांश बिहार, झारखंड और ओडिशा के निवासी हैं। एसपी के अनुसार, अंदर से आ रही ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी सामने आई है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

प्रशासन और THDC से रिपोर्ट तलब
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और एसपी स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। प्रशासन ने THDC परियोजना प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।

10 वर्षों से बन रही है 13.5 किमी लंबी सुरंग
गौरतलब है कि अलकनंदा नदी पर बन रही 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना के तहत 13.5 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य बीते 10 वर्षों से जारी है और इसमें करीब 2000 से अधिक कर्मचारी और मजदूर दिन-रात कार्यरत हैं।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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