मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक , 26 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर,अग्निवीरों को संविदा पदों पर भर्ती में मिलेगा आरक्षण, धर्मांतरण कानून हुआ और सख्त।

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक , 26 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर,अग्निवीरों को संविदा पदों पर भर्ती में मिलेगा आरक्षण, धर्मांतरण कानून हुआ और सख्त।

 

देहरादून।उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें राज्य के प्रशासन, सुरक्षा, धर्मांतरण कानून और आईटी क्षेत्र से जुड़े कई अहम फैसले शामिल हैं।

सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान 26 प्रस्ताव पास किए गए। इस दौरान सरकार ने अग्निवीरों को संविदा पदों पर भर्ती में आरक्षण के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। अब अग्निवीरों को सेवाकाल पूरा होने पर समूह ग के वर्दीधारी पदों की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। इसमें अग्निवीरों का उत्तराखंड का मूल निवासी या स्थायी निवासी होना जरूरी है। बताया जा रहा है कि अगले वर्ष रिटायर होने के बाद 850 पदों पर भर्ती दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, इन निर्णयों का विस्तृत ब्योरा शीघ्र ही आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा।

अग्निवीरों को मिला 10% क्षैतिज आरक्षण

कैबिनेट के सबसे बड़े निर्णयों में से एक रहा राज्य में अग्निपथ योजना’ के तहत सेवा देने वाले अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय।

समूह ग के ये वर्दीधारी पद किए चिह्नित

अग्निशमन व नागरिक पुलिस (कांस्टेबल/उपनिरीक्षक), कारागार पुलिस सेवा (बंदी रक्षक), वन विभाग (वन रक्षक), राजस्व पुलिस (पटवारी), आबकारी (पुलिस बल), परिवहन विभाग (पर्वतन दल)

इसके अतिरिक्त, अग्निवीरों को आयु सीमा में भी विशेष छूट दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 तक करीब 850 अग्निवीर सेवा समाप्त कर राज्य में लौटेंगे, जिन्हें इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा।

धर्मांतरण कानून में सजा बढाई

इसके साथ ही सरकार ने धर्मांतरण कानून और सख्त करने के लिए कानून में कुछ संशोधनों के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। एक्ट में संशोधन कर सजा को 10 साल से बढ़ा कर 14 साल किया। कुछ मामलों में 20 साल तक सजा हो सकती है। जुर्माना राशि को 50 हजार से बढ़ा कर 10 लाख किया गया।

कैबिनेट बैठक प्रमुख निर्णय

  • उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम (UPDCC) के ढांचे का पुनर्गठन और यूआईआईडीबी व डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय के कार्यों के संपादन के लिए दो अतिरिक्त्त कार्यक्रम इकाई का गठन।
  • सहकारिता विभाग की अधिसूचना 23.07.2001 द्वारा नवगठित उत्तराखंड के सीमित संसाधनों के कारण उप्र सहकारी संस्थागत सेवामंडल नियमावली को विखंडित करते हुए सारी शक्तियां निबन्धक, सहकारी समितियां, उत्तराखण्ड में निहित की गई।
  • लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों को नैनबाग के सर्किल रेट पर मुआवजा मिलेगा।
  • राजकीय औद्योगिक आस्थानों में शेड/ भूखंडों के आवंटन/ निरस्तीकरण/ स्थानांतरण/ किराया आदि के संबंध में एकीकृत प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी
  • उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली – 2025 मंजूर।
  • उत्तराखंड उच्चतर न्यायिक सेवा (संशोधन), नियमावली 2025 मंजूर।
  • उत्तराखंड भू सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 को विधानसभा में सदन पटल पर रखे जाने को मंजूरी मिली।
  • उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड, के वर्ष 2021-22 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत करने का मंजूरी।
  • विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104 (4) के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक लेखा विवरण को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।
  • विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 105 के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।
  • विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 181 के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग द्वारा अधिसूचित किए गए विनियमों को अधिनियम की धारा – 182 के अतर्गत विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।
  • कंपनी अधिनियम 2013, की धारा 395 (बी) के अनुपालन के क्रम में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि. के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी।
  • उत्तराखंड पशुपालन विभाग सांख्यिकीय सेवा नियमावली 2025 का प्राख्यापन।
    उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली 2025 मंजूर।
  • सूचना प्रौद्योगिकी, सूराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (एसटीआई) नीति – 2025 मंजूर।
  • नगर निकायों में निर्वाचन के दृष्टिगत अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण कार्य के लिए पूर्व की तरह उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीएस वर्मा की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के गठन का निर्णय लिया गया।
  • ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत प्रादेशिक विकास सेवा नियमावली 2011 में संशोधन को मंजूरी।
  • उत्तराखंड पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक 2025 को विधानसभा के समक्ष पुन: स्थापित किए जाने को मंजूरी।
  • बदरीनाथ व केदारनाथ मंदिर के प्रशासन की व्यवस्था के लिए समिति में उपाध्यक्ष का 01 अतिरिक्त पद सृजित किया गया।
uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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