देहरादून में 6100 करोड़ की लागत से बनने वाली एलिवेटेड रोड के लिए डिमार्केशन हुआ शुरू, लाल निशान जद में आ रहे ढाई हजार से ज्यादा मकान व 26 मोहल्ले शामिल।

देहरादून में 6100 करोड़ की लागत से बनने वाली एलिवेटेड रोड के लिए डिमार्केशन हुआ शुरू, लाल निशान जद में आ रहे ढाई हजार से ज्यादा मकान व 26 मोहल्ले शामिल।

 

देहरादून (उत्तराखंड): राजधानी देहरादून में 6100 करोड़ रुपए की लागत से एलिवेटेड सड़क बनने जा रही है. यह एलिवेटेड सड़क सड़क रिस्पना और बिंदाल नदी पर बनने जा रही है. इसके लिए एलिवेटेड रोड की जद में आने वाली जगहों और मकानों पर लाल निशान लगना शुरू हो गया है. साथ ही इस क्षेत्र की तमाम रजिस्ट्रियों को भी जल्द सीज किया जाएगा. कुल लागत में से रिस्पना नदी प्रोजेक्ट की कॉस्ट 2100 करोड़ रुपए जबकि बिंदाल नदी एलिवेटेड रोड की अनुमानित लागत 4000 करोड़ रुपए रखी गई है।

देहरादून की बिंदाल और रिस्पना नदी पर बनने जा रहे एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. इसी कड़ी में आज रिस्पना और बिंदाल नदी पर बनने वाले इस एलिवेटेड प्रोजेक्ट की जद में आने वाले मकानों दुकानों और तमाम संपत्तियों पर निशान लगना शुरू हो गया है।लोक निर्माण विभाग की सर्वे टीम फील्ड में मौजूद है। उनके साथ विभागीय इंजीनियर भी हैं।

रिस्पना नदी पर हो रहे डिमार्केशन को फिलहाल पहले दिन रिस्पना नदी पर राजीव नगर से लेकर मोहनी रोड पुल तक सर्वे का कार्य चला, जहां पर नदी की चौड़ाई काफी ज्यादा है इसलिए यहां पर बहुत कम मकान अभी इसकी जद में आ रहे हैं. जैसे-जैसे सर्वे का कार्य और आगे की तरफ बढ़ेगा कई घनी आबादी वाले क्षेत्र इस प्रोजेक्ट के जद में आएंगे।

बिंदाल नदी एलिलेडेट रोड, मुख्य बिंदू:

बिंदाल नदी पर बनेगी 15 किलोमीटर की एलिवेटेड रोड.
हरिद्वार बाईपास से बिंदाल पुल होते हुए नदी के ऊपर पर मसूरी रोड मैक्स अस्पताल तक जाएगी एलिवेटेड रोड.
इसके कारण 943 पक्के और 560 कच्चे मकान प्रभावित होंगे।

कारगी ग्रांट, ब्राह्मण वाला, निरंजनपुर, कमली रोड, देहरा खास क्षेत्र होगा प्रभावित.
डोभाल वाला, चुक्खू मोहल्ला, विजयपुर, हाथीबड़कला जौहरी क्षेत्र होगा प्रभावित.
मलसीस, किशनपुर और डाकपत्ति क्षेत्र में प्रभावित होगा.
इन क्षेत्रों में जमीनों का अधिग्रहण होगा।

प्रोजेक्ट को लेकर जानकारी देते हुए जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड देहरादून ने बताया रिस्पना नदी पर बनने जा रहे 11 किलोमीटर की एलिवेटेड रोड रिस्पना पुल से शुरू होकर नागल पुल तक जाएगी, जिसकी जद में 1120 कच्चे और पक्के मकान आएंगे. इन दोनों एलिवेटेड रोड पर बीच-बीच में और जंक्शन भी दिए जाएंगे, जिससे शहर में एंट्री और एग्जिट होगी. 11 किलोमीटर के रिस्पना एलिवेटेड प्रोजेक्ट पर 1120 कच्चे और पक्के मकान मौजूद हैं।

इस प्रोजेक्ट के लिए 44.6421 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है. उन्होंने बताया इस प्रोजेक्ट की जद में आने वाले अधिकतर प्रभावितों को मुआवजा दिया जाएगा. इसके साथ ही इसे लेकर दूसरी प्लानिंग भी तैयार की जा रही है. उन्होंने कहा अभी फिलहाल डिमार्केशन का काम शुरू किया गया है. जिसके पूरा होने के बाद असल स्थिति का पता लग सकेगा. वहीं, सर्वे के बाद ही इस बात की जानकारी भी मिल सकेगी कि जिनके भी घर इस प्रोजेक्ट की जद में आएंगे, उनके लिए मुआवजे या पुर्नवास को लेकर सरकार की क्या पॉलिसी रहेगी।

रिस्पना एलिलेडेट रोड, मुख्य बिंदू

रिस्पना नदी पर बनेगी 11 किलोमीटर की एलिवेटेड रोड बनेगी.
रिस्पना पुल से शुरू होकर नागल पुल तक जाएगी एलिवेटेड रोड.
धर्मपुर, डालनवाला, कंडोली, झज्जरा क्षेत्र प्रभावित होंगे.
धोरन खास, भगत सिंह कॉलोनी, राजीव नगर इलाकों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी.
बता दें कि, बिंदाल नदी पर बनने वाली 15 किलोमीटर एलिवेटेड रोड कारगी चौक से शुरू होकर राजपुर रोड से आगे ओल्ड मसूरी रोड साइन मंदिर के पास जाकर खत्म होगी. इसकी जद में 1494 कच्चे और पक्के मकान आएंगे, जिन्हें हटाया जाना है. इस तरह से इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए कुल 2614 मकानों को विस्थापित किया जाएगा. वहीं, इस प्रोजेक्ट के लिए 43.9151 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है. इसमें 26 मोहल्ले की शामिल हैं।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]