सचिवालय में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) की समीक्षा, टास्क फोर्स अध्यक्ष मीता राजीव लोचन और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की प्रगति की पड़ताल।

सचिवालय में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) की समीक्षा, टास्क फोर्स अध्यक्ष मीता राजीव लोचन और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की प्रगति की पड़ताल।

देहरादून सचिवालय में केंद्र सरकार द्वारा कारोबार में सुगमता बढ़ाने के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन तथा मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।

मीता राजीव लोचन ने बताया कि उत्तराखण्ड ने डी-रेगुलेशन 1.0 कम्प्लायंस रिडक्शन में देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, लैंड यूज, होम स्टे तथा उद्यमिता और श्रम सुधारों के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयोगों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि फेज-2 के तहत राज्य के लिए कुल 9 प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं, जिनमें भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण स्वीकृति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरण और पर्यटन क्षेत्र में नवाचार शामिल हैं। इनका उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना, निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन का सुझाव
सचिव ने सुझाव दिया कि उद्योगों से जुड़े प्रस्तावों को निर्धारित समय सीमा में स्वीकृति देने की व्यवस्था मजबूत की जाए। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रणाली लागू कर छोटे निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जाए।
उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड का मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 26 प्रतिशत योगदान देता है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

इस क्षेत्र का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा औपचारिक रूप से पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित होता है। कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर, बेहतर जीवन गुणवत्ता और प्राकृतिक वातावरण राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।

निवेश अनुकूल वातावरण पर जोर
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भवन निर्माण, बिजली, श्रम सुधार, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। निवेशकों की सुविधा के अनुरूप नियमों में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें और राज्य में निवेश अनुकूल माहौल को और सशक्त बनाएं।

बैठक में केंद्रीय अपर सचिव राहुल शर्मा, राजेश शर्मा, सचिव आर राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, रविशंकर, विशेष सचिव मधुकर पराग धकाते, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहेला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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