दो मुकदमों में जमानत के बावजूद जेल में ही रहीं चर्चित यूट्यूबर एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी, खटीमा पुलिस के वारंट-बी ने रोकी रिहाई।
हल्द्वानी। हल्द्वानी की चर्चित यूट्यूबर एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को भले ही हल्द्वानी कोर्ट से दो मुकदमों में जमानत मिल गई हो, लेकिन उनकी कानूनी मुश्किलें फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही हैं। जमानत आदेश जारी होते ही खटीमा पुलिस ने उप कारागार हल्द्वानी में वारंट-बी दाखिल कर दिया, जिसके चलते ज्योति अधिकारी जेल से बाहर नहीं आ सकीं।
अब खटीमा पुलिस बुधवार को ज्योति अधिकारी को रिमांड पर लेकर संबंधित न्यायालय में पेश करेगी।
8 जनवरी से न्यायिक हिरासत में थीं ज्योति अधिकारी
सोशल मीडिया पर विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में आईं ज्योति अधिकारी को 8 जनवरी को मुखानी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। मंगलवार, 13 जनवरी को सिविल एवं दंड न्यायालय हल्द्वानी के अपर मुख्य सिविल जज द्वितीय ने मुखानी थाने में दर्ज दो मुकदमों में 30-30 हजार रुपये के निजी मुचलकों पर जमानत मंजूर कर दी।
जेल से रिहाई से पहले खटीमा पुलिस ने किया वारंट-बी दाखिल
जमानत के बाद ज्योति अधिकारी की रिहाई की प्रक्रिया चल ही रही थी कि इसी बीच खटीमा कोतवाली पुलिस ने वहां दर्ज एक अन्य मुकदमे के संबंध में वारंट-बी दाखिल कर दिया, जिसके चलते उन्हें जेल से रिहा नहीं किया गया। अब खटीमा पुलिस उन्हें न्यायालय में पेश करेगी।
दरांती लहराने और देवी-देवताओं पर टिप्पणी के आरोप
दरअसल, हाल ही में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच और कथित वीआईपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन चल रहा था, जिसमें ज्योति अधिकारी भी शामिल हुई थीं। इसी दौरान उनके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें एक वीडियो में वे खुलेआम दरांती लहराते हुए नजर आईं। साथ ही उन पर उत्तराखंड की महिलाओं और देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप भी लगे।
वहीं खटीमा कोतवाली में सावित्री चंद्र निवासी कंजाबाग खटीमा ने भी ज्योति अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में ज्योति अधिकारी ने कुमाऊं मंडल की महिलाओं को सामूहिक रूप से अपमानित किया गया है, उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई और समाज को विभाजित करने वाले बयान दिए गए.
जूही चुफाल की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
हल्द्वानी निवासी जूही चुफाल ने मुखानी थाने में ज्योति अधिकारी के खिलाफ तहरीर देकर उनकी टिप्पणियों पर कड़ा विरोध जताया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नोटिस जारी किया, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
प्रदेश के कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे
गौरतलब है कि ज्योति अधिकारी के खिलाफ हल्द्वानी के अलावा खटीमा, रुद्रपुर और अल्मोड़ा में भी अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। उनके अधिवक्ता गौरव कपूर और किरण पंत के अनुसार, हल्द्वानी के मुकदमों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन खटीमा में दर्ज मामले के चलते फिलहाल उनकी रिहाई संभव नहीं हो पाई है।
अब खटीमा न्यायालय में होगी पेशी
संभावना है कि बुधवार को खटीमा पुलिस ज्योति अधिकारी को रिमांड पर लेकर न्यायालय खटीमा में पेश करेगी, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





