खटीमा | उत्तरायणी कौतिक मेले में मुख्यमंत्री धामी ने की शिरकत, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, उत्तरायणी कौतिक से मेरा भावनात्मक जुड़ाव : सीएम धामी।

खटीमा | उत्तरायणी कौतिक मेले में मुख्यमंत्री धामी ने की शिरकत, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, उत्तरायणी कौतिक से मेरा भावनात्मक जुड़ाव : सीएम धामी।

उत्तरायणी कौतिक मेले में सीएम धामी ने की शिरकत, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं।
सीएम धामी का कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान मंच ने किया स्वागत, प्रतीक चिन्ह किये भेंट, शाल ओढ़ाकर किया सम्मानित

खटीमा, 13 जनवरी 2026 )। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच खटीमा द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर भारी संख्या में जनसमूह, जनप्रतिनिधि और मेलार्थी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खटीमा के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए कहा कि पर्वतीय विकास भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को शीघ्र भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उत्तरायणी कौतिक मेले को राजकीय कैलेंडर में शामिल कर नियमित आर्थिक सहायता देने तथा समिति के अनुरोध पर स्थायी मंच निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति और उत्तरायणी पर्व का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और सांस्कृतिक भी है। सूर्य के उत्तरायण होने के इस पावन अवसर को हमारी परंपरा में राजा के अपनी प्रजा के घर जाने के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी मात्र एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन दर्शन का उत्सव है, जो समाज में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि उत्तरायणी कौतिक जैसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ रही है। जब बच्चे पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर नृत्य करते हैं, युवा लोकगीत गाते हैं और माताएं-बहनें पारंपरिक परिधान में सहभागी बनती हैं, तब यह विश्वास और मजबूत होता है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित हाथों में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में जब आधुनिकता तेजी से बढ़ रही है, तब अपनी पहचान और संस्कृति को संजोकर रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजनों की भूमिका इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत विकास के साथ-साथ सनातन संस्कृति के गौरव को वैश्विक स्तर पर पुनः स्थापित कर रहा है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र से प्रेरित होकर उत्तराखंड सरकार देवभूमि को विकास का आदर्श मॉडल बना रही है।

मुख्यमंत्री ने भावुक स्वर में कहा कि खटीमा उनके लिए केवल एक विधानसभा नहीं, बल्कि उनका घर है, जहाँ से उन्होंने जनसेवा की यात्रा शुरू की और जहाँ का हर गांव, हर गली और हर चेहरा उनके हृदय में बसता है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। क्षेत्र में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज, 100 बेड का अस्पताल, राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम, औद्योगिक विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए गदरपुर व खटीमा बाईपास, नौसर पुल सहित सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है। इसके साथ ही खटीमा-टनकपुर के बीच भव्य सैन्य स्मारक के निर्माण की घोषणा भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा के विकास की गति को कभी रुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देवभूमि की संस्कृति, डेमोग्राफी और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। इसी क्रम में लैंड जिहाद, लव जिहाद, धर्मांतरण, अवैध कब्जों और पाखंड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त, सैकड़ों अवैध संरचनाओं पर कार्रवाई और “ऑपरेशन कालनेमि” इसके उदाहरण हैं।


मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति, 27 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी, और डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की शत-प्रतिशत राशि सीधे खातों में भेजे जाने की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत 40 हजार से अधिक बेटियों को 172 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।

मातृशक्ति को विशेष रूप से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति की असली वाहक महिलाएं हैं और महिला सशक्तिकरण सरकार का संकल्प है, न कि केवल नारा। उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह देवभूमि है—यहाँ विकास भी होगा, संस्कृति भी बचेगी और राष्ट्रविरोधी मानसिकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”


कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ. प्रेम सिंह राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी,,अध्यक्ष कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान समिति ठाकुर सिंह खाती, सचिव भुवन चंद्र भट्ट, कोषाध्यक्ष बी एस मेहता,मेला प्रभारी के डी भट्ट, जे एस बसेड़ा, जगदीश चंद्र पाण्डेय,किशन सिंह किन्ना, राजेंद्र सिंह मितडी,मनोज कन्याल, गोपाल दत्त पाठक, सावित्री चंद, शांति पांडेय, गीता कांडपाल, जानकी गोस्वामी,अंजू देवी ,संदीप कांडपाल, कमला मेलकानी, कुंदन सिंह बोरा ,नवीन कापड़ी,सहित अनेक जनप्रतिनिधि व भारी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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