BIG BREAKING | अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच को मंजूरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला।
देहरादून।उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आखिरकार CBI जांच का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान कर दी है। यह फैसला अंकिता के माता-पिता के अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी।
राजनीतिक घमासान के बीच बड़ा निर्णय
बीते 15–20 दिनों से अंकिता प्रकरण को लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज थी। कांग्रेस, सामाजिक संगठनों और खुद अंकिता के माता-पिता लगातार CBI जांच और वीआईपी नामों के खुलासे की मांग कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो क्लिप्स के बाद मामला और गरमा गया।
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी मामले पर लगातार हो रही सियासत के बीच धामी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार यानी 9 जनवरी को अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी है. दरअसल, कुछ दिन पहले अंकित भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सीबीआई (CBI) जांच की मांग की थी. जिस पर सीएम धामी ने कहा था कि जल्द ही उनकी मांगों के अनुरूप राज्य सरकार फैसला लेगी. जिसके तहत अब राज्य सरकार ने सीबीआई जांच कराए जाने पर अपनी सहमति जता दी है.
सीएम धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा. उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी देरी के पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
इस प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया गया और राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई. जिसका ही नतीजा है कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी. एसआईटी की ओर से गहन विवेचना के बाद अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत की सुनवाई पूरी होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.
सीएम धामी ने कहा कि इस पूरे मामले में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने शुरू से लेकर लास्ट तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है. साथ ही हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है. उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने खुद स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता- पिता से मुलाकात की थी. जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने का अनुरोध किया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता- पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI सीबीआई यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने का निर्णय लिया है.
दरअसल, अभिनेत्री उर्मिला सनावर की ओर से सोशल मीडिया पर तमाम ऑडियो वायरल किए जाने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में राजनीतिक सियासत शुरू हो गई थी। पिछले 15 से 20 दिनों तक प्रदेश भर में चले राजनीतिक घमासान के बाद अब उत्तराखंड सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है.
जिसमें मुख्य रूप से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के साथ ही तमाम सामाजिक संगठन और खुद अंकिता के माता-पिता सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। लेकिन प्रदेश घर में लगातार हो रहे राजनीतिक घमासान के बीच उत्तराखंड सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लगभग 15 से 20 दिनों के बाद आखिरकार सीबीआई जांच को संस्तुति दे दी है.
हालांकि, उत्तराखंड राज्य में मचे राजनीतिक घमासान के बीच बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया था और उसे दौरान सीएम धामी ने इस बात को कहा था कि वो जल्द ही अंकित भंडारी के माता-पिता से मुलाकात करेंगे और उनकी मंशा को जानेंगे। उसके बाद तमाम कानूनी पहलुओं को देखते हुए सीबीआई जांच की दिशा में सरकार आगे बढ़ेगी.
ऐसे में प्रेसवार्ता के अगले दिन ही यानी बीते बुधवार को मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी। उसे दौरान अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच के साथ ही वीआईपी के नाम के खुलासे की मांग की थी। जिसके क्रम में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी है।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





