अंकिता भंडारी केस पर मुख्यमंत्री धामी का बड़ा बयान
बोले— दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहीं कोई षड्यंत्र तो नहीं?
देहरादून |( 6 जनवरी 2025 ) उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और हालिया ऑडियो विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखा रुख अपनाया है। मंगलवार को देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम धामी ने सवाल उठाया कि “एक ऑडियो को लेकर देहरादून नहीं, सीधे दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। कहीं कोई सुनियोजित षड्यंत्र तो नहीं चल रहा?”
प्रेसवार्ता की शुरुआत में सीएम धामी ने केंद्र सरकार की वीबी जी राम जी (विकसित भारत–जी राम जी) योजना की जानकारी दी, इसके बाद उन्होंने अंकिता भंडारी मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी।
“हृदयविदारक घटना थी, दोषियों को सजा दिलाई”
सीएम धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बेहद हृदयविदारक घटना थी। सरकार ने बिना देरी किए आरोपियों की गिरफ्तारी करवाई। तीनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया गया और महिला आईपीएस अधिकारी की अध्यक्षता में SIT गठित कर निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराई गई। मजबूत कानूनी पैरवी के चलते तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हुई।

उन्होंने बताया कि SIT प्रमुख पी. रेणुका देवी के नेतृत्व में हर पहलू की बारीकी से जांच की गई और जिनके पास भी कोई जानकारी थी, उनसे सहयोग मांगा गया।
ऑडियो विवाद पर SIT जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में सामने आए ऑडियो में कई नाम लिए जा रहे हैं, जिसकी जांच के लिए नई SIT गठित की गई है।
“सच सामने आते ही हर स्तर पर जांच होगी। कोई भी दोषी होगा, वह किसी भी कीमत पर नहीं बचेगा।”
सीएम धामी ने सवाल उठाया कि एक ऑडियो में हत्या और दूसरे में आत्महत्या की बात कही जा रही है, जिससे संदेह पैदा होता है कि राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
“प्रदेश की बेटी को राजनीति का हथियार न बनाएं”
विरोध प्रदर्शन पर पूछे गए सवाल पर सीएम धामी ने कहा—
“अंकिता हमारी बेटी है। उसके लिए सरकार ने पूरी संवेदनशीलता और सख्ती से कार्रवाई की है। कोई भी दोषी एक दिन के लिए भी बाहर नहीं आया।”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “राज्य में भ्रम फैलाकर अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने वाले लोग प्रदेश की बेटी के नाम पर राजनीति न करें।”
पार्टी के भीतर षड्यंत्र के आरोप खारिज
पार्टी के अंदर कथित षड्यंत्र के सवाल पर सीएम धामी ने साफ कहा कि ऐसा कुछ नहीं है।
“हाईकमान और वरिष्ठ नेताओं का पूरा सहयोग है। इस तरह की बातें चलती रहती हैं।”
वीबी जी राम जी योजना पर भी बोले सीएम
प्रेसवार्ता में सीएम धामी ने बताया कि वीबी जी राम जी अधिनियम मनरेगा का सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इस योजना के तहत—
साप्ताहिक वेतन भुगतान
देरी पर अतिरिक्त भुगतान
महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान
पारदर्शिता और तकनीक का उपयोग
हिमालयी राज्यों को 90% केंद्रीय सहायता
उन्होंने कहा कि 1.51 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ यह योजना 2047 के विकसित भारत लक्ष्य की मजबूत नींव बनेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक दिलीप रावत और प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार भी मौजूद रहे।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





