दिल्ली ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा, उत्तराखंड से सात मिले कनेक्शन, कई संदिग्ध रडार पर; देहरादून के डॉक्टर और पिथौरागढ़ की महिला के आतंकी उमर से संपर्क की पुष्टि।
उत्तराखंड पुलिस की इंटेलिजेंस और एसटीएफ टीम सातों संदिग्धों की गहन जांच कर रही हैं। इनसे अलग-अलग राउंड में पूछताछ की जा रही है।
देहरादून। दिल्ली में 10 नवंबर की रात लालकिले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच में उत्तराखंड का कनेक्शन गहराता जा रहा है। इंटेलिजेंस एजेंसियों और एसटीएफ को मिले इनपुट के बाद प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। जांच में पता चला है कि ब्लास्ट के साजिशकर्ताओं के उत्तराखंड से कुल सात लिंक जुड़े हैं, जिनमें रुड़की, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर क्षेत्र मुख्य फोकस पर हैं।
सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस की इंटेलिजेंस और एसटीएफ टीम सातों संदिग्धों की गहन जांच कर रही हैं। इनसे अलग-अलग राउंड में पूछताछ की जा रही है। साथ ही पिछले छह माह की गतिविधियां, कॉल रिकॉर्ड आदि की पड़ताल की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों ने ब्लास्ट के मुख्य आरोपी और आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी और उसके गिरफ्तार सहयोगी आमिर राशिद अली, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल राठर, डॉ. शाहीन शाहिद व उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की कॉल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच व विभिन्न ऐप के डेटा निकाले हैं। इससे मिले अहम सुराग के बाद अब दिल्ली ब्लास्ट के तार उत्तराखंड से भी जुड़ने लगे हैं।
सात कनेक्शन आए सामने, उत्तराखंड ‘सेफ मीटिंग प्वाइंट’ बताया गया था
सूत्रों के मुताबिक धमाके की साजिश में शामिल कई संदिग्ध घटना से पहले कई बार उत्तराखंड आए थे। एक चैट बैकअप में आरोपी एक-दूसरे से उत्तराखंड को “सेफ मीटिंग प्वाइंट” बताते पाए गए।
जांच में—
दो मोबाइल नंबर,
एक ई-मेल ट्रेल,
हरिद्वार स्थित एक दुकान से जुड़े ई-वॉलेट ट्रांजेक्शन,
और रुड़की क्षेत्र में हुई एक मुलाकात
का विवरण सामने आया है।
इन इनपुट्स के बाद एसटीएफ ने रुड़की, हरिद्वार, मंगलौर और ऊधमसिंह नगर के कई ठिकानों पर गुप्त जांच तेज कर दी है। धार्मिक स्थलों, संगठनों और संदिग्ध व्यक्तियों के कॉल रिकॉर्ड व मूवमेंट की विशेष निगरानी की जा रही है।
देहरादून के डॉक्टर और पिथौरागढ़ की महिला का आतंकी उमर से संपर्क
जांच में एक और अहम मोड़ तब आया जब मुख्य हमलावर डॉ. उमर नबी के कॉल डिटेल में उत्तराखंड का नाम सामने आया।
इनमें—
देहरादून का एक चिकित्सक,
और पिथौरागढ़ की रहने वाली एक महिला
का संपर्क पाया गया।
गहन जांच में पता चला कि—
चिकित्सक अब फरीदाबाद में स्थायी रूप से रह रहा है,
जबकि महिला नोएडा की एक प्लेसमेंट कंपनी में काम कर रही है।
महिला ने कुछ वर्ष पहले एक प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर उमर नबी को नौकरी संबंधी मेल भेजा था और बाद में फोन भी किया था, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ी। दोनों संपर्क पुराने और गैर-आपराधिक पाए गए हैं।
प्रदेश में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय
उत्तराखंड पुलिस और इंटेलिजेंस विंग ने प्रदेशभर में चेकिंग अभियान तेज कर दिया है।
एडीजी कानून-व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन के अनुसार:
“राज्य हाई अलर्ट पर है। सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अब तक कोई प्रत्यक्ष आपराधिक लिंक नहीं मिला है, लेकिन हर इनपुट की गंभीरता से जांच की जा रही है।”
तराई क्षेत्र में खुफिया टीमों की निगरानी बढ़ी
रुड़की–हरिद्वार–ऊधमसिंह नगर की बेल्ट पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यहां संदिग्ध डिजिटल फुटप्रिंट मिलने के बाद कई टीमें लगातार मूवमेंट ट्रैक कर रही हैं।
जनता से अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस या स्थानीय थाने को दें। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और हर सुराग की बारीकी से जांच जारी है।
यह पूरा मामला जांच को नए मोड़ की ओर ले जा रहा है और आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





