ऑपरेशन कालनेमि…उत्तराखण्ड पुलिस का बड़ा अभियान –अब तक 5500 का हुआ सत्यापन, और अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा अभियान, असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्यवाही, आस्था एवं सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित।

देहरादून में 922 लोगों का सत्यापन हुआ जिसमें से चार लोग गिरफ्तार हुए। बीएसएफ के साथ समन्वय स्थापित करते हुए बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुरू हुआ ऑपरेशन कालनेमि अब और प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा। यह जानकारी आईजी कानून व्यवस्था डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने ऑपरेशन के तह अब तक की कार्रवाइयों को बताते हुए दी। अब तक इस ऑपरेशन के तहत सभी जिलों में 5500 से ज्यादा लोगों का सत्यापन किया गया है। इनमें 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि पकड़ में आए बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा गया।

देहरादून, उत्तराखण्ड – मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देश पर देवभूमि की पवित्रता और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के लिए उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान “ऑपरेशन कालनेमि” राज्यभर में जबरदस्त सफलता के साथ जारी है। इस अभियान का लक्ष्य असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करना है, जो धार्मिक आस्थाओं का गलत उपयोग करके ठगी, धोखाधड़ी और धर्मान्तरण जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहे थे।
🔹 पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनन्द भरणे ने प्रेस ब्रीफिंग में दी जानकारी
आज उत्तराखण्ड पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) नीलेश आनन्द भरणे ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान “ऑपरेशन कालनेमि” की अब तक की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में इस अभियान के तहत कुल 5500 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन किया गया है। इनमें से 14 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और कुल 1182 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही अमल में लाई गई है।
🔹 मुख्य जिलों में अभियान की प्रगति:
▪️ हरिद्वार जिले में 2704 व्यक्तियों का सत्यापन कर 3 गिरफ्तारी
▪️ देहरादून जिले में 922 व्यक्तियों का सत्यापन और 5 गिरफ्तारी
इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल समेत अन्य जिलों में भी लगातार सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
🔹 अभियान का उद्देश्य:
“ऑपरेशन कालनेमि” का मुख्य उद्देश्य समाज में फैले ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है, जो अपनी असली पहचान छिपाकर धार्मिक भावनाओं का गलत उपयोग कर आम जनता को छल रहे थे। अभियान के माध्यम से अनेक ठगी से जुड़े मामलों का पर्दाफाश किया गया और बाहरी तत्वों की गतिविधियों पर कड़ा अंकुश लगाया गया है।
🔹 उत्तराखण्ड पुलिस का स्पष्ट संदेश:
पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनन्द भरणे ने स्पष्ट किया कि उत्तराखण्ड पुलिस देवभूमि की पवित्रता और जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शने के पक्ष में नहीं है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में सतत निगरानी एवं सत्यापन अभियान जारी रहेगा ताकि समाज और संस्कृति की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
🌟 उत्तराखण्ड पुलिस की यह मुहिम लगातार आगे बढ़ेगी ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और देवभूमि की पवित्र छवि सदैव अक्षुण्ण बनी रहे।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa




