????बिग ब्रेकिंग खटीमा – गुलदार ने मजदूर को बनाया निवाला, धान रोपाई करने जा रहे मजदूर को 50 मीटर तक घसीटकर ले गया गुलदार, हमले में मजदूर की हुई मौत, ग्रामीणों में दहशत।

मझोला क्षेत्र के जादोपुर ग्रामसभा के गंगापुर गांव में बुधवार सुबह धान की रोपाई लगाने के लिए खेत में गए मजदूर को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।

खटीमा ( जून 18 )जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम जादोपुर में आज सुबह लगभग 5 बजे एक दर्दनाक घटना घटी। खेत में धान की रोपाई के लिए पहुंचे मजदूर जितेन्द्र सिंह पुत्र विश्राम सिंह, उम्र लगभग 42 वर्ष, निवासी ग्राम खन्ना, तहसील बीसलपुर, जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) अपने आठ मजदूर साथियों के साथ सोनपहर जादोपुर गांव में धान के खेत में रोपाई करने जा रहा था। इसी दौरान जितेन्द्र खेत में पानी के लिए चल रहे पम्पसेट से पानी पीने के लिए रुक गया और उसके साथी आगे निकल गये।


वन विभाग की टीम नै घटनास्थल का निरीक्षण कर नमूने एकत्र किये।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,जितेन्द्र पानी पी रहा था कि खेत से सटी परवीन नदी के किनारे घात लगाये बैठे गुलदार ने उस पर पीछे से हमला कर दिया और उसे घसीटते हुए नदी की ओर ले गया। जितेन्द्र की चीखने की आवाज सुनकर उसके साथियों ने शोर मचाया। लगभग 50 मीटर दूर गुलदार उसे घायल अवस्था में छोड़कर भाग गया। मजदूरों ने घटना की सूचना खेत स्वामी को दी। खेत स्वामी ने मजदूरों की मदद से उसे उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया।


अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
घायल मजदूर को खेत मालिक जसवंत सिंह निवासी ग्राम सुनपहर व अन्य मजदूरों ने तत्काल खटीमा नागरिक चिकित्सालय पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक जितेन्द्र सिंह का परिवार
जसवंत सिंह ने बताया कि मृतक सहित 8 मजदूर उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत से रोपाई के लिए आए थे। जितेन्द्र सिंह के परिवार में उनकी पत्नी दीप माला और चार बच्चे –बेटी नेहा (18 वर्ष) बेटी अंशिका (16 वर्ष) बेटा अनुराग (14 वर्ष) बेटा आयुष (12 वर्ष) रहते हैं। परिवार पूरी तरह आर्थिक रूप से मृतक पर निर्भर था।

ग्रामीणों में भय, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
इस घटना से ग्राम मोहनपुर, उलानी, सुनपहर, नौसर आदि क्षेत्रों के किसान और मजदूर भयभीत हैं। खेतों में काम करने से लोग डरने लगे हैं।
पूर्व कंचनपुरी समिति अध्यक्ष जसविंदर सिंह बाजवा एवं अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि:
- मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दी जाए
- गुलदार को पकड़ने की कार्रवाई शीघ्र हो
- आबादी क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नियंत्रण लगाया जाए
प्रशासन और वन विभाग से गुहार
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पिंजरा लगाया जाता या निगरानी रखी जाती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। अब लोगों की मांग है कि गुलदार की गश्त बढ़े, सुरक्षा उपाय हों, और पीड़ित परिवार को सरकारी मदद शीघ्र दी जाए।

???? प्रशासन और वन विभाग मौके पर
घटना की सूचना पर पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि गुलदार को पकड़ने के प्रयास तुरंत शुरू कर दिए गए हैं और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
वही उपजिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉक्टर सिमरन जीत सिंह ने बताया की अस्पताल में जितेंद्र नामक व्यक्ति को लाया गया था,अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मृत्यु हो चुकी थी।फिलहाल मजदूर के शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया है।घटना स्थल पर पहुंचने वाले फॉरेस्ट अधिकारियों में तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बांगरी,एसडीओ संचिता वर्मा,रेंजर उप्रेती सहित अन्य वन कार्मिक मौजूद रहे।
???? बड़ा सवाल: कब जागेगा वन विभाग?
यह घटना केवल एक दर्दनाक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का प्रमाण भी है। इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन नीतिगत रूप से इस समस्या का हल अभी भी अधूरा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेकर त्वरित और स्थायी कदम उठाता है या फिर किसी अगली दर्दनाक घटना का इंतज़ार किया जाएगा।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa






