किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामला: राज्य सरकार   ने उच्चस्तरीय SIT की गठित, गहन जांच के निर्देश,12 पुलिसकर्मी तत्काल ट्रांसफर, निष्पक्ष जांच पर सरकार के निर्देश।

किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामला: राज्य सरकार
ने उच्चस्तरीय SIT की गठित, गहन जांच के निर्देश,12 पुलिसकर्मी तत्काल ट्रांसफर, निष्पक्ष जांच पर सरकार के निर्देश।

देहरादून/काशीपुर। ऊधमसिंह नगर जनपद के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए आईजी एसटीएफ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी को मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से विवेचना करने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्पक्ष जांच को ध्यान में रखते हुए 12 पुलिस कर्मियों का तत्काल स्थानांतरण गढ़वाल रेंज के जनपद चमोली और रुद्रप्रयाग किया गया है। साथ ही मृतक द्वारा जारी किए गए वीडियो और ई-मेल में लगाए गए आरोपों का विस्तृत परीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

एसआईटी में ये अधिकारी शामिल
आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय एसआईटी में
पुलिस अधीक्षक चंपावत – अजय गणपति
क्षेत्राधिकारी टनकपुर – वंदना वर्मा
निरीक्षक – दीवान सिंह बिष्ट (चंपावत)
उपनिरीक्षक – मनीष खत्री (चंपावत)
को शामिल किया गया है।

क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि 11 जनवरी को ऊधमसिंह नगर के आईटीआई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पैगा निवासी 40 वर्षीय किसान सुखवंत सिंह ने गौलापार स्थित देवभूमि होटल के कमरा नंबर 101 में अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
परिजनों के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा सुखवंत सिंह से साढ़े तीन करोड़ रुपये में भूमि का सौदा किया गया, लेकिन इसके बदले मात्र 50 लाख रुपये मूल्य की दूसरी भूमि की रजिस्ट्री कर दी गई। आरोप है कि इस धोखाधड़ी की शिकायत के बावजूद पुलिस स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

आत्महत्या से दो दिन पूर्व सुखवंत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कुंडा थाना के एसओ, पैगा चौकी प्रभारी और ऊधमसिंह नगर के एसएसपी पर प्रॉपर्टी डीलरों से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

जांच पर टिकी निगाहें
किसान की आत्महत्या के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब उच्चस्तरीय एसआईटी के गठन और पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण के बाद जांच की निष्पक्षता और निष्कर्ष पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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