नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष के हाई-प्रोफाइल चुनाव ‘हाईजैक’ केस में हाईकोर्ट के तीखे सवालों से हिली राजनीतिक जमीन—SIT जांच के संकेत, बड़े फैसले की उलटी गिनती शुरू।

नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष के हाई-प्रोफाइल चुनाव ‘हाईजैक’ केस में हाईकोर्ट के तीखे सवालों से हिली राजनीतिक जमीन—SIT जांच के संकेत, बड़े फैसले की उलटी गिनती शुरू।

नैनीताल के हाई-प्रोफाइल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कथित अपहरण, मतदाता प्रभावित करने और ‘रेनकोट कांड’ 14 अगस्त 2025 की इस विवादित चुनाव प्रक्रिया को लेकर दायर जनहित याचिका पर आज उत्तराखंड उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने कड़ी सुनवाई की।

मुख्य न्यायाधीश जे. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय ने पांचों जिला पंचायत सदस्यों को कठघरे में खड़ा करते हुए लगातार धारदार सवाल दागे, जिससे पूरा घटनाक्रम नए मोड़ पर पहुंच गया है। कोर्ट की तल्ख़ टिप्पणियों और जांच एजेंसी पर फटकार के बाद अब SIT जांच की संभावना बेहद प्रबल मानी जा रही है।

—🔎 हाईकोर्ट के सवालों ने कर दी ‘परत-दर-परत’ खोलाई

कोर्ट में आज प्रस्तुत किए गए जिला पंचायत सदस्य—
डीकर मेवाड़ी, तरुण शर्मा, विपिन जंतवाल, दीपक बिष्ट और प्रमोद कोटलिया
पूछताछ के दौरान कई सवालों पर अपने ही बयानों में उलझते दिखे।

कोर्ट के तीखे सवाल जो पूरे मामले की दिशा बदलते दिखे:

“एफिडेविट कहां बनवाए? किसने खरीदे?”
पांचों सदस्य इस बुनियादी सवाल का भी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

“आखिर पाँचों अलग-अलग रास्तों से रामनगर कैसे पहुँचे और एक ही घर में इकट्ठा कैसे हुए?”

“जब रेनकोट पहने लोग आपके साथी को ले जा रहे थे, तो आपने बचाने की कोशिश क्यों नहीं की?”

“कब से एक-दूसरे को जानते हो?”
किसी ने कहा कॉलेज चुनावों से, किसी ने कहा गांव का रास्ता मिलता है, तो कोई बोला रिश्तेदारी है—कोर्ट ने इन विरोधाभासी बयानों पर गहरा संदेह जताया।

—🔺 नेपाल ट्रिप पर भी अटका कोर्ट

डबल बेंच ने सदस्य डीकर मेवाड़ी से नेपाल यात्रा पर प्रश्न किया—

“क्या चुनाव के बाद नेपाल गए थे?”
मेवाड़ी पहले बोले—“जिला पंचायत चुनाव के बाद नहीं गया”,
लेकिन अगले ही सवाल पर उन्होंने माना—

“हाँ, चुनाव नतीजों के बाद दोस्तों के साथ नेपाल गया था।”
इस बयान से कोर्ट ने स्पष्ट नाराज़गी जताई और इसे संदिग्ध माना।

—⚡ CBCID की जांच रिपोर्ट पर अदालत की कड़ी टिप्पणी

सीबीसीआईडी की जांच अधिकारी के जवाबों पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि
“रिपोर्ट अधूरी और अस्पष्ट है।”
मुख्य न्यायाधीश ने यहां तक कहा—
“सस्पेंड होने के लिए तैयार हो जाइए।”
कोर्ट की यह टिप्पणी जांच की गुणवत्ता पर सीधी चोट मानी जा रही है।

—📌 संदर्भ: ‘रेनकोट कांड’ और चुनाव हाईजैक विवाद

14 अगस्त 2025 को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष–उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान

पांच बीडीसी सदस्यों के कथित अपहरण,

मतपत्र में ओवरराइटिंग,

री-मतदान की मांग,

और रेनकोट पहने संदिग्ध लोगों का हस्तक्षेप
जैसे आरोप सामने आए थे।

कई निर्वाचित सदस्यों ने कोर्ट की शरण ली, जबकि सदस्य पूनम बिष्ट ने अलग से याचिका दायर कर एक मतपत्र में ‘1’ को ‘2’ ओवरराइट कर वोट को अमान्य किए जाने को चुनौती दी है। उन्होंने पुनः मतदान की मांग की है।

—⏳ बड़े फैसले की उलटी गिनती शुरू

आज की सुनवाई में अदालत की सख्त टिप्पणी, सदस्यों की उलझी हुई प्रतिक्रियाएँ और जांच अधिकारी की कमजोर रिपोर्ट—
इन सबने संकेत दे दिए हैं कि हाईकोर्ट जल्द ही बड़ा और निर्णायक आदेश जारी कर सकता है।
राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

Spread the love
[democracy id="1"]