सितारगंज में अवैध गर्भपात क्लिनिक पर छापा, संचालिका रंगे हाथ पकड़ी: स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, क्लिनिक सीज।

सितारगंज में अवैध गर्भपात क्लिनिक पर छापा, संचालिका रंगे हाथ पकड़ी: स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, क्लिनिक सीज।

खटीमा/सितारगंज: उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गर्भपात क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सीज कर दिया। छापेमारी के दौरान टीम ने क्लिनिक संचालिका को एक 25 वर्षीय अविवाहित महिला का गर्भपात कराते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां और कई चिकित्सकीय उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को सितारगंज के शक्तिफार्म मुख्य बाजार स्थित गणेश प्राथमिक चिकित्सालय में लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि क्लिनिक संचालिका बिना वैध पंजीकरण और सरकारी अनुमति के महिलाओं और युवतियों का गर्भपात कर रही है।

शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुलदीप यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार देर शाम पुलिस बल के साथ क्लिनिक पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह सामने आया कि क्लिनिक बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहा था और वहां अवैध रूप से गर्भपात कराया जा रहा था।

निरीक्षण के दौरान टीम ने मौके पर भर्ती 25 वर्षीय युवती का गर्भपात कराते हुए संचालिका को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सीज कर दिया और पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।

सीमावर्ती उत्तर प्रदेश तक फैला था नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक इस अवैध क्लिनिक का नेटवर्क स्थानीय क्षेत्र से बाहर तक फैला हुआ था। बताया जा रहा है कि आसपास के इलाकों के साथ-साथ सीमावर्ती उत्तर प्रदेश से भी एजेंटों के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को यहां गर्भपात कराने के लिए लाया जाता था। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है।

कई प्रतिबंधित दवाइयां और उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक से कई प्रकार की दवाइयां और चिकित्सा उपकरण बरामद किए, जिनमें एमटीपी किट (अनचाहा गर्भ किट), मीजोप्रोस्टोल गोलियां, क्लिंडामाइसिन व क्लोट्रिमाजोल वेजाइनल सॉफ्ट जेल कैप्सूल, कंट्रसेफ्ट किट, सिल्डेनाफिल टैबलेट, गुड न्यूज कार्ड, अंबिलिकल ऑक्लूजन डिवाइस, एलीज फोर्सेप्स, ड्रम फोर्सेप्स और निडल होल्डर सहित अन्य उपकरण शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने मामले में नियमों के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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