खटीमा में 125 एकड़ खड़ी फसल उजाड़ने का आरोप: किसानों का उफनता आक्रोश, विधायक भुवन कापड़ी के नेतृत्व में महापंचायत के बाद तहसील घेराव, फसल रौंदे जाने की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग।

खटीमा में 125 एकड़ खड़ी फसल उजाड़ने का आरोप: किसानों का उफनता आक्रोश, विधायक भुवन कापड़ी के नेतृत्व में महापंचायत के बाद तहसील घेराव, फसल रौंदे जाने की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग।

खटीमा, जनपद ऊधम सिंह नगर। खटीमा तहसील क्षेत्र में प्रशासन की मौजूदगी में बिना किसी स्पष्ट वैधानिक आदेश के करीब 125 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसल को जबरन नष्ट किए जाने के आरोपों ने पूरे क्षेत्र में उबाल ला दिया है। इस कथित कार्रवाई को किसानों की आजीविका पर सीधा हमला बताते हुए आज पीड़ित परिवार के समर्थन में विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया।

खटीमा में किसान जनसभा: फसल रौंदे जाने के मामले में उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

जनपद खटीमा क्षेत्र के अशोक फॉर्म, थाना झनकईया निवासी युवराज तलवार की अध्यक्षता और समाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार के संचालन में 20 फरवरी 2026 को प्रातः एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा में हजारों किसान और स्थानीय लोग शामिल हुए।
यह सभा 31 जनवरी 2026 को स्थानीय प्रशासन द्वारा किरण तलवार के कब्जे वाली भूमि पर खड़ी फसलों को ट्रैक्टरों से नष्ट कर द्वितीय पक्ष कश्मीर सिंह को कब्जा दिलाने की कार्रवाई के विरोध में आयोजित की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि फसल नष्ट किए जाने के 20 दिन बाद भी दोषियों के विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।

महापंचायत के आह्वान पर शगुन मंडप से तहसील परिसर तक हजारों किसानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने विशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और प्रशासन के खिलाफ तीखा रोष देखने को मिला।


जुलूस के उपरांत तहसीलदार के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में भू-माफियाओं और प्रशासन के बीच कथित सांठगांठ की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, प्रभावित किसानों की भूमि को तत्काल मुक्त कराने, नष्ट की गई फसलों का समुचित मुआवजा देने तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई।

“यह केवल एक किसान की नहीं, पूरे क्षेत्र की लड़ाई”
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम पूरी तरह किसानों की समस्याओं को लेकर है और इसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं की जाएगी। बताया गया कि पिछले लगभग 60 वर्षों से किरण तलवार ग्राम दमगड़ा, खालीमहुवट, बगुलिया आदि क्षेत्रों में खेती कर स्थानीय लोगों को रोजगार देते आ रहे हैं। आरोप लगाया गया कि प्रशासन ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर खड़ी फसलें ट्रैक्टरों से रौंद दीं, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है।

भूतपूर्व सैनिक कुंवर सिंह खनका ने कहा कि किसी भी भूमि विवाद का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में फसल नष्ट किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और भविष्य में यह स्थिति किसी भी किसान के साथ हो सकती है।

तराई किसान सुधार समिति के महासचिव और राज्य आंदोलनकारी भगवान जोशी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में भूमि विवाद, विशेषकर थारू–गैर थारू विवाद, भविष्य में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

विधायक ने उठाया कानून-व्यवस्था का मुद्दा
खटीमा विधायक भुवन चन्द्र कापड़ी ने कहा कि छह दशक से खेती कर रहे किसान की फसलें प्रशासनिक मौजूदगी में नष्ट कर भूमाफियाओं को कब्जा दिलाना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस मामले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री तक पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से भी भेंट कर ज्ञापन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को कानून-व्यवस्था के साथ प्रमुखता से उठाया जाएगा।

“बिना लिखित आदेश फसल नष्ट की गई” – युवराज तलवार
युवराज तलवार ने आरोप लगाया कि न्यायालय का कोई लिखित आदेश दिखाए बिना प्रशासन ने खेतों में खड़ी फसलें नष्ट करवा दीं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक इस मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे न्यायालय की शरण लेंगे और यह संघर्ष अब पूरे क्षेत्र की अस्मिता से जुड़ गया है।

जनसभा के बाद तहसील तक जुलूस
जनसभा के बाद करीब 12:30 बजे शगुन मंडप से युवराज तलवार के नेतृत्व में किसान एकता जिंदाबाद, भू-माफिया मुर्दाबाद और तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारों के साथ 500–600 लोगों ने तहसील खटीमा तक जुलूस निकाला। लगभग 12:55 बजे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, तहसील खटीमा को सौंपा गया, जिसमें उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद 1:00 बजे कार्यक्रम शांतिपूर्वक समाप्त हुआ।

कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी और स्थानीय किसानों ने समर्थन दिया। प्रमुख रूप से विधायक भुवन चन्द्र कापड़ी, पीसीसी सदस्य बॉबी राठौर, जिला अध्यक्ष एनएसयूआई दीपक मुडेला, जिला अध्यक्ष यूथ कांग्रेस नरेंद्र आर्य, राज्य आंदोलनकारी भगवान जोशी, पूर्व प्रधान दीपक कुमार, भूतपूर्व सैनिक कुंवर सिंह खनका, सतनाम सिंह मल्ली,  सहित अनेक किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।भूतपूर्व सैनिक, नितिन रस्तोगी -रस्तोगी फार्म, सतनाम सिंह मल्ली बीजेपी नेता/अधिवक्ता, छिंदर पाल सिंह, नानक सिंह, नागेन्द्र सिंह, अमरीक सिंह, निर्मल सिंह, सुरजीत सिंह, फ़लजीत सिंह आदि शामिल रहें।

 

 

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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