खटीमा में 125 एकड़ खड़ी फसल उजाड़ने का आरोप: किसानों का उफनता आक्रोश, विधायक भुवन कापड़ी के नेतृत्व में महापंचायत के बाद तहसील घेराव।
खटीमा, जनपद ऊधम सिंह नगर। खटीमा तहसील क्षेत्र में प्रशासन की मौजूदगी में बिना किसी स्पष्ट वैधानिक आदेश के करीब 125 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसल को जबरन नष्ट किए जाने के आरोपों ने पूरे क्षेत्र में उबाल ला दिया है। इस कथित कार्रवाई को किसानों की आजीविका पर सीधा हमला बताते हुए आज पीड़ित परिवार के समर्थन में विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया।
महापंचायत के आह्वान पर शगुन मंडप से तहसील परिसर तक हजारों किसानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने विशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और प्रशासन के खिलाफ तीखा रोष देखने को मिला।

जुलूस के उपरांत तहसीलदार के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में भू-माफियाओं और प्रशासन के बीच कथित सांठगांठ की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, प्रभावित किसानों की भूमि को तत्काल मुक्त कराने, नष्ट की गई फसलों का समुचित मुआवजा देने तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई।
इस दौरान विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि खटीमा सदैव शांतिप्रिय और सौहार्दपूर्ण क्षेत्र रहा है, लेकिन वर्तमान घटनाक्रम ने आमजन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नकल माफिया, खनन माफिया और भू-माफिया सक्रिय थे, और अब “खेती माफिया” जैसी प्रवृत्ति उभर रही है, जो किसानों की खड़ी फसलें उजाड़ने का दुस्साहस कर रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों और संबंधित तत्वों के विरुद्ध शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गलत परंपरा की शुरुआत होगी और भविष्य में अन्य किसानों की भूमि भी इसी प्रकार खतरे में पड़ सकती है।
महापंचायत में उपस्थित किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।खटीमा में बढ़ते जनआक्रोश के बीच अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





