अगस्त्यमुनि गेट तोड़फोड़ मामला:प्रशासन का सख्त संदेश, “धार्मिक भावनाओं की आड़ में अराजकता बर्दाश्त नहीं, त्रिभुवन चौहान समेत 52 लोगों पर मुकदमा दर्ज, गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी।
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि में अगस्त्य मुनि महाराज की डोली यात्रा के दौरान हुए विवाद और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। गेट तोड़ने, कानून व्यवस्था भंग करने और राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने के आरोप में सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान समेत 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुछ आरोपियों पर गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
क्या हुआ था घटनाक्रम
गुरुवार को अगस्त्यमुनि महाराज की डोली हजारों श्रद्धालुओं के साथ अगस्त्यमुनि खेल मैदान में प्रवेश के लिए पहुंची थी। मैदान के गोल गेट को न तोड़े जाने पर श्रद्धालु आक्रोशित हो गए और गेट तोड़ने को लेकर पुलिस व प्रशासन से उनकी तीखी नोकझोंक हुई।
करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद श्रद्धालुओं ने हथौड़ों की मदद से गोल गेट तोड़ दिया। इसके बाद डोली ने नेजा-निशानों के साथ मैदान में प्रवेश किया और गद्दीस्थल पर विराजमान हुई। जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
15 साल बाद निकली थी दिवारा यात्रा
ग्रामीणों ने मकर संक्रांति के अवसर पर 15 वर्षों बाद अगस्त्यमुनि महाराज की दिवारा यात्रा का आयोजन किया था। योजना के अनुसार डोली को अगस्त्य मंदिर से खेल मैदान स्थित गद्दीस्थल तक जाना था, लेकिन गोल गेट बाधा बन गया।
14 जनवरी को गेट न टूटने पर डोली को वापस मंदिर लौटना पड़ा, जिससे केदारनाथ हाईवे पर करीब पांच घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
स्टेडियम निर्माण बना विवाद की जड़
ग्रामीणों का विरोध खेल मैदान में प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण को लेकर है। उनका कहना है कि यह मैदान मुनि महाराज की भूमि है और वर्षों से बच्चों के खेलने का प्रमुख स्थान रहा है। स्टेडियम बनने से स्थानीय लोगों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे। इसी मांग को लेकर बीते एक माह से ग्रामीण मैदान में धरने पर बैठे हैं।
प्रशासन का पक्ष
एसडीएम एसएस सैनी ने कहा कि डोली संचालन समिति को वैकल्पिक मार्ग से जाने का सुझाव दिया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर मामले को तूल दिया। ड्रोन कैमरों के जरिए गेट तोड़ने वालों की पहचान की जा रही है।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“धार्मिक भावनाओं की आड़ में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और हाईवे जाम किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। गुंडा एक्ट भी लगाया जाएगा।”
52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज: डीएम प्रतीक जैन ने अगस्त्यमुनि महाराज की देवरा यात्रा के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान, प्रशासनिक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार और राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने के साथ ही कुछ ‘रिपेटिटिव ऑफेंडर्स’ के खिलाफ गुंडा एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए. जिस पर अब त्रिभुवन चौहान, अनिल बैजवाल, राजेश बैजवाल समेत 52 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 127, धारा 191(2), धारा 61, धारा 285 के साथ लोक संपत्ति को नुकसानी का निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा-
- त्रिभुवन चौहान पुत्र कुलदीप सिह, निवासी- देवर, गुप्तकाशी, रुद्रप्रयाग
- अनिल बैजवाल पुत्र चक्रधर बैजवाल, निवासी- नाकोट, अगस्त्यमुनि
- राजेश बैजवाल पुत्र भगवती प्रसाद, निवासी- नाकोट, अगस्त्यमुनि
- योगेश बैजवाल पुत्र अनुसुइया प्रसाद बैजवाल, निवासी- नाकोट, अगस्त्यमुनि
- शेखर नौटियाल पुत्र अनुसुइया प्रसाद नौटियाल, निवासी- सिल्ला बामण गांव अगस्त्यमुनि
- भानु चमोला पुत्र अज्ञात, निवासी- तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि
- मिथुन सब्जी वाला, निवासी- अगस्त्यमुनि
- मकर लाल पुत्र अज्ञात, निवासी- फलई, अगस्त्यमुनि
- हैप्पी असवाल पुत्र अज्ञात, निवासी- तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि
- विपिन रावत पुत्र अज्ञात, निवासी- जखन्याल गांव, अगस्त्यमुनि
- केशव अग्रवाल पुत्र अज्ञात, निवासी- जखन्याल गांव, अगस्त्यमुनि
- प्रियाशु मोहन पुत्र अज्ञात, निवासी- तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि समेत 40 अन्य लोग
वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि कुछ अराजक तत्वों ने धार्मिक परंपरा की आड़ लेकर जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास किया. इन तत्वों ने क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को तोड़ दिया, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंची, बल्कि नेशनल हाईवे 107 पर तीन से चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा. डीएम ने साफतौर पर कहा कि धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता, हिंसा या अव्यवस्था को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिले के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन का कहना है कि कुछ अराजक तत्वों ने धार्मिक परंपरा की आड़ में जानबूझकर अव्यवस्था फैलाई, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ, बल्कि नेशनल हाईवे-107 पर तीन से चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जिले के शांत माहौल को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
Author: uttarakhandlive24
Harrish H Mehraa





