काशीपुर किसान सुखवंत आत्महत्या केस: हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार से मांगी रिपोर्ट ,कल भी जारी रहेगी सुनवाई।

काशीपुर किसान सुखवंत आत्महत्या केस: हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार से मांगी रिपोर्ट ,कल भी जारी रहेगी सुनवाई।

नैनीताल। काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या मामले में गुरुवार, 15 जनवरी को उत्तराखंड हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ, न्यायमूर्ति आशीष नैथानी ने फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से मामले की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट तलब करते हुए कल तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।

मामले के अनुसार, बीते शनिवार देर रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें कई पुलिस अधिकारियों सहित कुछ अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

वीडियो में सुखवंत सिंह ने आरोप लगाया था कि जमीन से जुड़े एक मामले में उनके साथ धोखाधड़ी हुई है और उनसे लगभग चार करोड़ रुपये ठग लिए गए। उन्होंने बताया कि जब इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई, तो न्याय दिलाने के बजाय पुलिस ने कथित रूप से आरोपियों का ही पक्ष लिया और उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि दस पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।

इसके साथ ही मृतक के भाई की तहरीर पर आईटीआई थाना काशीपुर में कुल 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें अमरजीत सिंह, दिव्या, रविंद्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महीपाल सिंह, शिवेंद्र सिंह, विमल, विमल की पत्नी, देवेंद्र, राजेंद्र, गुरप्रीत सिंह, जगपाल सिंह, जगवीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, बलवंत सिंह बक्सौरा, बिजेंद्र, पूजा और जहीर शामिल हैं।


गुरुवार की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि उनका इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। यह मामला दो पक्षों के बीच जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है, जबकि किसान ने आत्महत्या की है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए और दर्ज मुकदमे को निरस्त किया जाए।
इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मामले की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अब इस बहुचर्चित मामले पर कल फिर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

uttarakhandlive24
Author: uttarakhandlive24

Harrish H Mehraa

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